आ ध न मच ई च ने मचाई तबाही: नुकसान के आंकड़े और बरकरार बरसात
शहर और ग्रामीण क्षेत्र में विपत्ति के परिणाम
आ ध न मच ई च र ने गुरुवार शाम फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में भयंकर विपत्ति के रूप में प्रकट हुई। बिजली वितरण निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस आंधी के कारण 200 से अधिक बिजली के खंभे गिर गए और 13 ट्रांसफार्मर नुकसान पहुंचे। इस घटना के बाद अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति फिर से बहाल कर दी गई, लेकिन कुछ गांवों में सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं है।
पेड़ धराशायी और सड़कों पर बाधाएं
आ ध न मच ई च के असर के तहत 260 से अधिक पेड़ जड़ से उखड़ गए या सड़कों पर गिर गए। इन पेड़ों के कारण गुरुग्राम-अलवर हाईवे जैसे मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गए। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राहगीर और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों के सहयोग के बाद कई घंटों के बाद यातायात बहाल कर दिया गया।
आंधी के कारण बिजली वितरण प्रणाली गंभीर तौर पर बिगड़ गई। लगातार बरसात के दौरान 200 खंभे गिर गए, जिससे आंधी ने चारों तरफ बर्बादी फैलाई। डीएचबीवीएन के एसडीओ घनश्याम दास ने बताया कि विभाग की टीमें असर पड़े क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं और आवश्यक संसाधनों के साथ लोगों की राहत के लिए आगे बढ़ रही हैं।
“आ ध न मच ई च के बाद अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई, लेकिन कुछ गांवों में अभी भी आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई है। हम शेष क्षेत्रों में नुकसान के अंतिम सर्वे तक काम जारी रखेंगे,” आंधी के प्रभाव से नुकसान का आंकलन करते हुए विभाग के एक अधिकारी ने कहा।
आ ध न मच ई च के असर की गंभीरता के कारण लोगों के जीवन के आधारभूत सुविधाओं के लिए चिंता बढ़ गई। नुकसान का सर्वे अभी जारी है, जिसमें सड़कों पर धराशायी पेड़ों के प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी ली जा रही है। आंधी ने न केवल बिजली वितरण को बिगड़ा, बल्कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी बिजली आपूर्ति और सड़क अवरुद्धता के बारे में बात की।
आंधी के बाद अधिकांश लोगों ने अपनी चिंता को भागीदारी के रूप में देखा। बर्बाद हुए बिजली खंभों और ट्रांसफार्मर के स्थान पर नए निर्माण के लिए काम शुरू कर दिया गया है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विपत्ति से प्रभावित क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रभाव का भी ध्यान रखा जा रहा है।
अब तक आंधी के कारण हुए नुकसान के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। बिजली वितरण प्रणाली में 200 खंभे गिर गए, जिससे आंधी ने चारों तरफ नुकसान के विस्तार को बढ़ा दिया। आंधी रात भर बरसती रही और बर्बाद हुए पेड़ों के कारण वाहन चालकों को धराशायी
