ईरान ने ट्रंप के दावे को खारिज किया: वार्ता की भीख मांगना हमारे डीएनए में नहीं
Indianewslive247.com – Iran US Talks – अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों के बयानों में एक स्पष्ट विरोधाभास उभरकर सामने आया है। राष्ट्रपति ट्रंप के इस दावे के तुरंत बाद कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत चल रही है, ईरान ने इसे स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर वार्ता नहीं हो रही है। Iran US Talks के संदर्भ में तेहरान का स्पष्ट संदेश है कि अमेरिका से बातचीत शुरू करने की पहल करना हमारी प्रकृति में नहीं है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका से बातचीत शुरू करने की पहल करना हमारी प्रकृति में नहीं है। ईरान का मानना है कि वार्ता की इच्छा अमेरिका की ओर से जताई गई थी, न कि तेहरान की ओर से। Iran US Talks की वर्तमान स्थिति में यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों देशों के बीच कोई आधिकारिक वार्ता नहीं हो रही है।
अमेरिका के साथ बातचीत की शुरुआत करना हमारी प्रवृत्ति (डीएनए) में नहीं है।
सैन्य कार्रवाई में रुकावट के बाद स्थिति
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों पर लगातार दूसरे दिन रोक बनी रही। इससे यह उम्मीद जगी कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ सकते हैं। सैन्य तनाव कम होने का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखा और तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। Iran US Talks के संदर्भ में यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि सैन्य कार्रवाई रुकने के बावजूद ईरान ने दोहराया कि अमेरिका के साथ किसी तरह की वार्ता नहीं हो रही है।
हालांकि, सैन्य कार्रवाई रुकने के बावजूद ईरान ने दोहराया कि अमेरिका के साथ किसी तरह की वार्ता नहीं हो रही है। यानी संघर्ष में अस्थायी विराम और बातचीत शुरू होने को ईरान ने अलग-अलग विषय बताया है। Iran US Talks की इस अवस्था में तेहरान का स्पष्ट संदेश है कि वार्ता की भीख मांगना हमारे डीएनए में नहीं है।
अमेरिका की ओर से बातचीत को लेकर संकेत
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत के लिए कुछ गुंजाइश छोड़ी है। उन्होंने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति वार्ता को आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं, हालांकि अमेरिका पूरी तरह तैयार भी है। Iran US Talks के संदर्भ में यह बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका की ओर से बातचीत के लिए संकेत दिए गए हैं।
वहीं, अमेरिकी सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सैन्य अभियान फिलहाल रोक दिए गए हैं। साथ ही क्षेत्रीय सहयोगी देशों ने भी इस दौरान ईरान की ओर से किसी नए हमले की जानकारी नहीं दी है। अमेरिका की ओर से यह संकेत दिया गया कि कूटनीतिक प्रयासों को मौका दिया जा रहा है। Iran US Talks की वर्तमान स्थिति में यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच कोई आधिकारिक वार्ता नहीं हो रही है।
होर्मुज पर ईरान की स्थिति
ईरान ने पुष्टि की कि अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई रुकने के बाद उसने भी अपनी जवाबी सैन्य कार्रवाई फिलहाल रोक दी है। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने फिर दोहराया कि वॉशिंगटन के साथ किसी प्रकार की बातचीत नहीं हो रही है। Iran US Talks के संदर्भ में यह स्पष्ट हो गया है कि सैन्य कार्रवाई में विराम और वार्ता शुरू होना दो अलग-अलग घटनाएं हैं।
इसके साथ ही ईरान ने कहा कि होर्मुज की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और यह रणनीतिक जलमार्ग सभी मार्गों के लिए पूरी तरह बंद बना हुआ है। यानी ईरान ने एक तरफ सैन्य कार्रवाई में विराम की पुष्टि की, लेकिन दूसरी तरफ बातचीत शुरू होने की बात से साफ इनकार कर दिया। Iran US Talks की इस अवस्था में तेहरान का स्पष्ट संदेश है कि वार्ता की भीख मांगना हमारे डीएनए में नहीं है।

