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Gen-Z: राजस्थान की आबादी का 12% जेन-जी, सियासत में उलटफेर करने में सक्षम; काम करेगा BJP-कांग्रेस का ये पैतरा?

Foto : Elizabeth Smith - indianewslive247.com

Gen Z: राजस्थान की राजनीति में बदलाव का नया कारक

Indianewslive247.com – Gen Z – राजस्थान की राजनीति में Gen Z अब केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली मतदाता वर्ग बन चुका है। पेपरलीक के मुद्दे पर हुए छात्र आंदोलन ने नई पीढ़ी की आवाज को सियासत के केंद्र में ला दिया है। भारत की जनगणना 2036 रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में राजस्थान में Gen Z (1997-2012) की आबादी लगभग 1 करोड़ 30 हजार से अधिक है। यह युवा वर्ग सोशल मीडिया से प्रभावित है और पारंपरिक राजनीतिक सोच से अलग माना जाता है।

BJP और Congress की Gen Z रणनीति

आगामी पंचायत और निकाय चुनावों के साथ 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए दोनों दल Gen Z पीढ़ी से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर काम कर रहे हैं। भाजपा ने कारगिल विजय दिवस पर जयपुर में शेरशाह फिल्म का सामूहिक प्रदर्शन कराया, जहां पहली बार बड़े स्तर पर “Gen Z with Modi” की ब्रांडिंग देखने को मिली। वहीं, कांग्रेस ने कोटा से “युवाओं की गूंज” कार्यक्रम शुरू किया और “Gen Z Committee” बनाने की घोषणा की है।

भाजपा की सोशल मीडिया विंग अब संगठनात्मक स्तर पर भी युवाओं तक पहुंचने की तैयारी कर रही है। प्रदेश प्रभारी हीरेंद्र कौशिक के अनुसार, पार्टी जल्द ही “स्टूडेंट फीडबैक कार्यक्रम” शुरू करेगी। इसके तहत युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और सोशल मीडिया टीम कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों से संवाद करेगी।

“नई पीढ़ी के साथ केवल ‘ऑर्डर’ देकर काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके साथ ‘डिस्कशन’ करना होगा और हर बात का तर्क भी समझाना होगा।” — मोहन भागवत, सरसंघचालक, RSS

कांग्रेस की “Gen Z Committee” राज्य स्तर से शुरू होगी, जिसके बाद विधानसभा और ब्लॉक स्तर तक अलग-अलग समितियां गठित की जाएंगी। उद्देश्य युवाओं के बीच सीधे संवाद का नेटवर्क तैयार करना है। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष शंकर गौरा का कहना है कि कार्यकर्ता नीट में पास हुए बच्चों के घर जाकर उन्हें बधाई दे रहे हैं और सारा फीडबैक इकट्ठा कर रहे हैं।

Gen Z: राजस्थान की सियासत का भविष्य

जनगणना 2036 रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में 2026 में कुल आबादी 8.38 करोड़ होगी, जिसमें 15-39 वर्ष आयु वर्ग के 3.58 करोड़ युवा हैं। इनमें Gen Z की आबादी कुल आबादी का लगभग 12 प्रतिशत है। 2014 के बाद पहली बार छात्र आंदोलन का व्यापक रूप दिखा है, जो नीतिगत रुख अपना रहा है। सत्ताधारी दल के मंत्री को त्यागपत्र देना पड़ गया, जो दर्शाता है कि युवा शक्ति से निपटना इतना आसान नहीं है।

भाजपा सरकार ने हाल ही में एक बड़ा विज्ञापन जारी कर पिछले ढाई वर्षों में दी गई सरकारी नियुक्तियों का जिलावार विवरण सार्वजनिक किया। इसके साथ ही आगामी समय में 81 हजार पदों पर प्रस्तावित भर्तियों की जानकारी भी साझा की गई। इससे सरकार युवाओं के बीच रोजगार और भर्ती को लेकर सकारात्मक संदेश देने की कोशिश करती दिख रही है।

“कांग्रेस को यह आंदोलन बैठे-बिठाए एक उपहार के रूप में मिला है। प्रजातंत्र को यह न समझे कि वह जो चाहेगा, करेगा।” — प्रकाश भंडारी, वरिष्ठ पत्रकार

अंत में, Gen Z राजस्थान की राजनीति में एक नया पैतरा साबित हो सकता है। दोनों दलों की रणनीतियां इसी युवा वर्ग को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही हैं। जो दल इस पीढ़ी की आवाज को सही ढंग से सुन पाएगा, वही 2028 के विधानसभा चुनाव में आगे रहेगा।

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