Exclusive: भरत श्रीनाते सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, काला हिरण विवाद पर बोले
Indianewslive247.com – काला हिरण विवाद पर निर्देशक भरत श्रीनाते ने एक Exclusive साक्षात्कार में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देश का सम्मान करते हुए भी वे सुप्रीम कोर्ट में अपनी आवाज उठाएंगे। इस Exclusive बातचीत में उन्होंने बताया कि अगर सब कुछ निकाल दिया जाए तो फिल्ममेकिंग बंद करनी पड़ सकती है।
सुप्रीम कोर्ट में लड़ेंगे: हमारे भी अधिकार हैं
भरत ने स्पष्ट किया कि माननीय हाई कोर्ट ने जो भी निर्णय दिया है, वे उसका पालन करेंगे। उन्होंने कहा, ‘जो भी चीज सलमान खान से संबंधित मानी जाती है और उसे हटाने के लिए कहा जाता है तो वह चीज हटाई जाएगी। लेकिन अगर मैं अपने टीजर की बात करूं तो हमारे टीजर में सलमान खान नहीं हैं। इसलिए हम इसके लिए लड़ेंगे। हमारे भी कुछ अधिकार हैं। फिल्मकारों के अधिकार हैं। सिनेमा के भी अधिकार हैं। हम अपने अधिकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट में आवाज उठाएंगे।’
अगर उन्हें लगता है कि कोई चीज सलमान खान को रिप्रेजेंट कर रही है तो उसे निकालने के लिए कहा जा सकता है। अगर ऐसा लगता है तो निकालना भी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए कि पूरी चीज को ही खत्म कर दिया जाए। फिर तो फिल्ममेकिंग ही बंद कर देनी चाहिए। फिर तो मेरा करियर ही खराब हो गया।
बिश्नोई समाज की कहानी, सलमान की नहीं
फिल्म की कहानी पर विस्तार से बात करते हुए भरत ने कहा कि यह कहानी बिश्नोई समाज की है। उनकी विरासत की कहानी है। बिश्नोई समाज जीवों को अपने बच्चों की तरह पालता है। उनका पोषण करता है। उनकी रक्षा करता है। अगर कोई शिकारी किसी जीव का शिकार कर देता है तो वे अंदर से पूरी तरह टूट जाते हैं। बिखर जाते हैं। उनके लिए वह जीव उनके परिवार के सदस्य की तरह होता है। उसका खत्म होना उनके लिए परिवार के किसी सदस्य को खोने जैसा होता है।
यह बिश्नोई समाज और उसकी विरासत की कहानी है। आज भी आप राजस्थान में कहीं भी चले जाइए, जहां बिश्नोई समाज रहता है, वहां आपको उनका जीवों और वनस्पतियों के प्रति प्रेम देखने को मिलेगा। वे उनकी रक्षा करते हैं। हमारी कहानी उसी समाज और उसकी भावना की कहानी है।
घटना पर आधारित फिल्म, व्यक्ति पर नहीं
फिल्म को सलमान खान और काला हिरण मामले से जोड़ने पर भरत ने कहा, ‘अगर कोई घटना हुई थी और उस घटना पर मैं सिनेमा बनाता हूं तो इसमें मेरी क्या गलती है? मैंने आपके ऊपर फिल्म नहीं बनाई है। मैंने उस घटना के ऊपर फिल्म बनाई है। मुझे किसी घटना पर सिनेमा बनाने का अधिकार है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘आपने सिर्फ टीजर देखकर ही सब कुछ तय कर लिया। अभी तो ट्रेलर भी नहीं आया है। पूरी फिल्म सामने ही नहीं आई है। ऐसे में सिर्फ टीजर देखकर पूरी कहानी को लेकर फैसला कैसे किया जा सकता है?’
CBFC का फैसला फॉलो करेंगे
फिल्म में बदलाव किए जाने की संभावना पर भरत ने कहा, ‘कोर्ट जो कह रहा है, हम उसको मान रहे हैं। उसका सम्मान कर रहे हैं। लेकिन जहां फिल्म की बात आती है तो हमारे यहां सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन यानी CBFC है। फिल्म में क्या रहना चाहिए और क्या बदलाव किया जाना चाहिए, यह CBFC भी तय करता है। CBFC जो फैसला करेगा, मैं उसे फॉलो करूंगा।’
अमित जानी के लीगल नोटिस फाड़ने पर प्रतिक्रिया
निर्माता अमित जानी के कथित तौर पर सलमान खान की ओर से भेजे गए लीगल नोटिस को फाड़ने का मुद्दा भी सुनवाई में उठा। इस पर भरत ने कहा, ‘कोर्ट और कानून से जुड़ी जो भी चीज होगी, हम उसका सम्मान करते हैं। उसे फॉलो करेंगे। कोर्ट का जो भी फैसला होगा, हम उसे मानेंगे। लेकिन अगर कोई वकील हमें कोई लीगल नोटिस भेजता है तो वह अलग बात है। कोर्ट के आदेश और किसी वकील की तरफ से भेजे गए लीगल नोटिस को एक तरह से नहीं देखा जा सकता।’
दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला क्या है?
दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘काला हिरण- द बैटल फॉर लिगेसी’ का टीजर हटाने का निर्देश दिया है। मामला सलमान खान के पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़ा है। कोर्ट ने अभिनेता की प्रतिष्ठा को लेकर चिंता जताई। सलमान का दावा है कि टीजर में मौजूद किरदार और दूसरे संकेत उनकी ओर इशारा करते हैं। इससे उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। वहीं, मेकर्स का कहना है कि फिल्म सलमान खान पर आधारित नहीं है। इस Exclusive साक्षात्कार में निर्देशक ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

