ईरान-अमेरिका युद्ध: ट्रंप का दावा, ईरान ने मानी हार
Indianewslive247.com – Iran US War – सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने बताया कि हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने अमेरिका से संपर्क स्थापित किया। इस संपर्क के माध्यम से ईरान ने हमलों को रोकने और वार्ता शुरू करने की अपील की। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि नया युद्धविराम नहीं बन पाता तो अमेरिका फिर से हमला कर सकता है। Iran US War के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत
वॉटरफोर्ड टाउनशिप की ओर जाते समय एयर फोर्स वन में ट्रंप ने मीडिया से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने स्वयं बातचीत की पहल की है। ट्रंप ने कहा,
उन्होंने हमसे बेहद विनम्रता से कहा, ‘कृपया हमले रोकिए, आइए बैठकर बात करते हैं।’ फिलहाल हम उसी स्थिति में हैं। अब देखते हैं क्या होता है। अगर समझौता नहीं हुआ तो हम फिर पहले जैसी कार्रवाई करेंगे।
हमले रोकने के पीछे की वजहें
यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिका लगभग दो सप्ताह तक ईरान पर हमला करता रहा। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श शुरू किया। सैन्य अभियान को आगे बढ़ाने के संभावित परिणामों को लेकर प्रशासन के भीतर गंभीर चर्चा हुई। Iran US War के इस संघर्ष में दोनों पक्षों की रणनीतियां बदल रही हैं।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने सैन्य अभियान के विस्तार को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने अमेरिकी हथियारों के भंडार, विशेष रूप से गोला-बारूद की उपलब्धता और अन्य रणनीतिक प्रभावों पर सवाल उठाए थे।
सेंटकॉम कमांडर की सलाह
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास चल रहे बमबारी अभियान को रोकने की सलाह दी थी। उनका मानना था कि यह अभियान अपनी प्रभावशीलता की सीमा तक पहुंच चुका है और अब इससे अपेक्षित सैन्य लाभ नहीं मिल रहा है।
एक्सियोस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि एडमिरल कूपर की सलाह के अलावा कई सैन्य और असैन्य सलाहकारों की राय ने भी ट्रंप के फैसले को प्रभावित किया। इन्हीं सुझावों के बाद शुक्रवार को अमेरिका ने ईरान पर अपने सैन्य हमलों को रोकने का निर्णय लिया। Iran US War के इस चरण में युद्धविराम की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।
बातचीत की स्थिति और ट्रंप का दावा
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस समय ईरान के साथ बातचीत कर रहा है और दोनों देशों के बीच सीधे तथा मध्यस्थों के जरिए संपर्क बना हुआ है। उन्होंने कहा,
हम अभी ईरान से बात कर रहे हैं। बातचीत अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यदि अमेरिका कमजोर स्थिति में होता तो ईरान कभी बातचीत की मांग नहीं करता। उन्होंने कहा,
अगर हम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे होते तो वे बैठक की मांग नहीं करते। वे सिर्फ इसलिए मिलना चाहते हैं क्योंकि हमने उन पर बहुत कड़े हमले किए हैं।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने अपने प्रतिनिधियों (सुरोगेट्स) के जरिए भी संदेश भेजा और सीधे तौर पर भी संपर्क किया। उन्होंने कहा,
उन्होंने अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से और सीधे दोनों तरह से बैठक का अनुरोध किया और अब हम बातचीत कर रहे हैं।
हथियारों और रक्षा भंडार की स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका के पास विभिन्न प्रकार के पर्याप्त हथियार और मिसाइल इंटरसेप्टर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि देश लगातार अपने रक्षा भंडार को और मजबूत कर रहा है। Iran US War के दौरान अमेरिका की रक्षा क्षमताओं का आकलन भी जारी है।
ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की आलोचना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में बड़ी मात्रा में हथियार यूक्रेन भेजे गए। उन्होंने कहा,
हम अपने रक्षा भंडार को फिर से मजबूत कर रहे हैं। हमारे पास पर्याप्त हथियार हैं, यहां तक कि मध्यम श्रेणी के हथियार भी हमारी जरूरत से कहीं ज्यादा हैं।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर का उत्पादन तेजी से बढ़ा रहा है। उनके मुताबिक, देश अपनी रक्षा क्षमता को और मजबूत करने के लिए लगातार इन प्रणालियों का निर्माण कर रहा है।
भविष्य की रणनीति
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि आगे की रणनीति पूरी तरह मौजूदा वार्ता के परिणाम पर निर्भर करेगी। उन्होंने दोहराया कि यदि बातचीत सफल नहीं हुई और कोई समझौता नहीं बन पाया, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करेगा। Iran US War के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर दोनों देशों के बीच वार्ता का परिणाम निर्णायक साबित होगा।

