Oman Ship Attack: ओवैसी ने भारतीय नाविकों की मौत पर केंद्र की विफलता पर आक्षेप किया
Oman Ship Attack के बारे में जानकारी देते हुए एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। ओवैसी ने घोषणा की कि ओमान के तट पर अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत के बावजूद सरकार द्वारा कोई सख्त कार्यवाही नहीं ली गई। इस मामले में ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भारतीयों की रक्षा के लिए विशेष कार्य अवश्य होना चाहिए था, लेकिन वह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर चल रहे आक्रमणों का अंतर्दृष्टि से अवलोकन नहीं कर पा रहे हैं।
हमला के परिणाम और प्रतिक्रिया
ओमान तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीय क्रू सदस्यों वाले तीन व्यापारी जहाज प्रभावित हुए। इस घटना के बारे में भारत ने गुरुवार को जानकारी दी थी कि तीन भारतीय नागरिक अमेरिकी हमले में मारे गए। ओवैसी ने इस घटना पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जब भारतीय नाविकों की जान खो जाती है, तब भी केंद्र की ओर से कोई अंतर्दृष्टि नहीं दिखाई दे रही है।
ओवैसी ने लिखा कि भारतीयों की रक्षा के लिए नीतिगत दृष्टिकोण के अभाव में अमेरिकी हमला एक अस्पष्ट आक्रमण बन गया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जश्न मनाने का समय है, लेकिन भारतीय नाविकों की मौत पर अमेरिकी सेना की निंदा करने का समय नहीं है।
संदेह और अन्य चुनौतियां
ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विदेश नीति में उल्टे दिशा ले रही है और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षा के लिए निर्णय लेने में असफल रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि चीन और गलवान घाटी के मुद्दों पर भारत की ओर से अमेरिका के साथ सहयोग के बावजूद अपनी नीति के बारे में सवाल उठाए गए हैं। ओवैसी के अनुसार, भारत के सामने नौवहन सुरक्षा की मुख्य चुनौती है, जिसमें अमेरिका की भूमिका निर्णायक रही है।
इस घटना के बाद भारत ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर इस मुद्दे के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा केंद्र की ओर से एक सार्वजनिक प्राथमिकता है और अमेरिकी सैन्य अभियान के बारे में सख्त निरीक्षण किया गया है। ओवैसी ने यह भी कहा कि सुरक्षा के मुद्दों पर भारत के राजनयिक अभियान के बावजूद केंद्र बर्बादी की ओर ले जा रहा है।
ओमान तट के पास अमेरिकी हमला के प्रति बातचीत में ओवैसी ने कहा कि भारतीय समुद्री राजनयिक विशेषज्ञ अपनी ओर से अमेरिकी प्रशासन के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन जब तक वह अपने नाविकों की रक्षा में विफल रहेंगे, तब तक कोई राहत नहीं मिलेगी। उन्होंने इस घटना के संबंध में जोर देकर कहा कि सरकार ने भारतीय नाविकों की मौत के बारे में ध्यान नहीं दिया जा रहा है और इसे उल्टे विश्व व्यापार के लिए छोड़ दिया गया है।
इस घटना के बाद ओवैसी के आरोप अमेरिकी नीतिगत बर्बादी और भारत के नौवहन बाजार की आंतरिक निर्देशक रणनीति पर भी चिंता जताए हैं। उन्होंने कहा कि
