एअर इंडिया विमान प क स त न हव में प्रवेश कर गया, DGCA ने पूरी कहानी बताई
22 जून 2026 को हुए घटना की जांच शुरू
प क स त न हव ई – प क स त न हव के हवाई क्षेत्र में घुसने के दौरान एअर इंडिया की उड़ान AI-479 के विमान ने गो-अराउंड के कारण भारतीय नियामक एयर डिजिटल गवर्निंग काउंसिल एजेंसी (DGCA) की जांच के दौरान अपनी घटना की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। यह घटना दिल्ली से अमृतसर जाने वाली उड़ान के उतारने के दौरान हुई जब एयरबस ए321 विमान को एक छोटा समय के लिए अपने मार्ग में विचलन हो गया। इस दौरान विमान ने गो-अराउंड के कारण प क स त न हव के क्षेत्र में सीमित अवधि के लिए प्रवेश किया।
उड़ान के दौरान यात्रियों और विमान की सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं आया। डीजीसीए के अनुसार, घटना की जांच तेजी से की जा रही है ताकि एटीसी और क्रू के द्वारा उत्पन्न त्रुटियों की जांच की जा सके।
आतंकी हमले के बाद हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध
प क स त न हव के हवाई क्षेत्र बंद करने के बाद एअर इंडिया और अन्य एयरलाइंस को अपनी उड़ानों के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है। यह प्रतिबंध 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लगाया गया था और इसे जूलई 2026 तक बढ़ा दिया गया। इस कारण विमान अब अरब सागर या यूएई के रास्ते उड़ान भर रहे हैं।
अमृतसर के एटीसी के साथ एअर इंडिया के क्रू के कार्य की जांच के दौरान यह पाया गया कि घटना की जानकारी नियामक को समय पर दी गई नहीं थी। इसलिए अंतरिम कार्रवाई की गई है। इसके कारण एअर इंडिया की विमान के उतारने में अतिरिक्त ईंधन की आवश्यकता हो गई।
इस घटना के कारण उड़ान के समय और लागत में वृद्धि हुई है। विमान के अमृतसर में उतारने के बजाए दिल्ली में लैंडिंग करने के कारण ईंधन के खर्च और यात्रियों की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
ईंधन के खर्च बढ़ गए हैं, जिससे हवाई किराए में लागत भी बढ़ सकती है। डीजीसीए के अनुसार, प क स त न हव में प्रवेश करने के बाद एअर इंडिया के क्रू और एटीसी के कार्य दो
