कोलकाता गोदाम विपत्ति: पांच लोगों की मौत हो गई, तलाश जारी
क लक त ग द म ह – पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बन रहे वेयरहाउस के छत गिरने के मामले में मृतकों की संख्या पांच हो गई है। अब तक 20 लोग अस्पताल में भर्ती कर दिए गए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। गोदाम के अंदर फंसे कर्मचारियों की तलाश अभी भी जारी है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना के बाद एसएसकेएम अस्पताल में घायल श्रमिकों के साथ मुलाकात की और उनकी हालत की जांच की। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 25 व्यक्तियों को बचा लिया गया है। बचाव अभियान तेजी से चल रहा है और पुलिस तथा अन्य विशेषज्ञ टीम जांच कर रहे हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “यह घटना बन रहे गोदाम के गलत बिल्डिंग प्लान की वजह से हुई। अब इस मामले में उल्लंघन की जांच की जाएगी। मालिकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।” वे बताएं कि बिल्डिंग प्लान में गड़बड़ी की गई थी और इसे जांच के लिए निर्माण कार्य रोक दिया गया है।
मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान परियोजना पर्यवेक्षक सैयद मोहम्मद गुलजार और दो आपूर्तिकर्ताओं मोहम्मद अताउल तथा सुभाष चौधरी के रूप में हुई। इसके बाद केएमसी के इंजीनियरों ने घोषणा की कि बिल्डिंग प्लान में गलतियां हैं और एक विस्तृत रिपोर्ट आज भेजी जाएगी।
पुलिस ने घटनास्थल पर बचाव कार्य की निगरानी करते हुए गोदाम के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है। उनके विरुद्ध और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। विशेषज्ञ टीम ने भवन के स्वीकृत नक्शा तथा अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। घटना के बाद केएमसी को निर्देश दिया गया है कि सभी कमर्शियल प्रॉपर्टीज के निर्माण कार्य 31 जुलाई तक रोक दिया जाए।
उम्मीद है कि फंसे कर्मचारियों को जल्द ही बाहर निकाल लिया जाएगा। पांच लोगों की मौत के बाद मामले में मालिकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। बेहरा ब्रदर्स के नाम से पहचाने गए मालिकों के विरुद्ध आगे की कार्यवाही चल रही है।
कोलकाता नगर निगम से मंजूरी मिले बिल्डिंग प्लान के बारे में जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इसके निर्माण के लिए अनुमति जारी कर दी गई थी। अब यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माण नियमों का उल्लंघन क्यों हुआ और अनुमति कैसे दी गई।
सीएम के निर्देश के बाद काम रोक दिया गया
शुभेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा कर कहा कि बिल्डिंग प्लान को 17 जनवरी को मंज�
