अभिषेक बनर्जी को गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन पर रोक बरकरार रखे जाने का निर्णय
Abhishek Banerjee – मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ लगाए गए गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन पर रोक को बरकरार रखने का आदेश दिया है। इस निर्णय के बाद अभिषेक बनर्जी अब अपने बर्बाद हुए आरोप से राहत मिल सकते हैं, जिसकी जांच प्रस्तुत की गई रही है। अदालत ने अपने निर्णय में इस बात पर जोर दिया कि गिरफ्तारी वारंट के अनुसार अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी पर लगी रोक लंबे समय तक बरकरार रहेगी।
मामला आकाश विजयवर्गीय विरुद्ध
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ लगाए गए गिरफ्तारी वारंट का मामला भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय द्वारा 2021 में भोपाल स्थित मध्यप्रदेश एमएलए कोर्ट में दायर की गई मानहानि परिवाद से शुरू हुआ था। इस मामले में आरोप लगाया गया है कि नवंबर 2020 में कोलकाता में एक सार्वजनिक सभा में अभिषेक बनर्जी ने आकाश विजयवर्गीय को “गुंडा” कहा था, जिसे शिकायतकर्ता ने मानहानि के रूप में दर्ज किया था।
हाईकोर्ट के निर्णय के पीछे कारण
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के पक्ष की याचिका खारिज करने के बाद उसे फिर से बहाल कर दिया है। इस निर्णय के साथ ही गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन पर लगी रोक यथावत रखने का आदेश दिया गया है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि वारंट के अनुसार अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक दस्तावेज आयुक्त बनर्जी के खिलाफ लगाए गए आरोप के बारे में पर्याप्त जानकारी देने के लिए आवेदन को बहाल करने की अनुमति दी गई है।
इस अदालत के निर्णय से अभिषेक बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के विरुद्ध लगाए गए आरोप पर लगी रोक के लिए अब फैसला वापस ले लिया गया है। इसके बाद अभिषेक बनर्जी के विरुद्ध गिरफ्तारी के लिए आवेदन के अवलोकन के बाद अदालत ने रोक को बरकरार रखने का निर्णय लिया है।
पैरवी के अभाव में विवाद बरकरार
अभिषेक बनर्जी के मामले में अदालत द्वारा याचिका खारिज करने के बाद अब विवाद शांत नहीं हुआ है। अदालत की सुनवाई के दौरान पैरवी के अभाव में याचिकाकर्ता पक्ष के प्रतिनिधियों की नाराजगी सामने आई थी। बार-बार अवसर दिए जाने के बाद भी पैरवी की कमी के कारण याचिका खारिज कर दी गई थी।
अभिषेक बनर्जी के विरुद्ध लगाए गए गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन पर रोक बरकरार रखने का आदेश मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा जारी किया गया है। इस निर्णय के साथ अभिषेक बनर्जी अपनी गिरफ्तारी से राहत मिलने के लिए अब उम्मीद कर रहे हैं।
मानहानि मामले के विवाद के नए रूप में
हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के पक्ष के आवेदन को
