US-Iran Agreement: अराघची कहे- समझौता बेहद करीब; ट्रंप ने ईरानी विदेश मंत्री की पोस्ट शेयर की
तनाव के बाद शांति की उम्मीदें मजबूत
US Iran Agreement – अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद शांति की उम्मीदें अब मजबूत हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची की सोशल मीडिया पोस्ट को अपने अकाउंट पर साझा करके दोनों देशों के बीच अमेरिका-ईरान समझौता के प्रगति की पुष्टि की है। अराघची ने ज्ञापन देते हुए कहा कि “इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन कभी इतना करीब नहीं रहा।” इस कथन के पीछे उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच अमेरिका-ईरान समझौता जल्द ही पूरा हो सकता है।
अमेरिका और ईरान के समझौता के केंद्रिय बिंदु
एक सूत्र के अनुसार, प्रस्तावित अमेरिका-ईरान समझौता में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करने और अमेरिकी संदेहों के लिए ईरान के परमाणु खंड के समाप्त होने की बात कही गई है। इसके अलावा समझौता में ईरान के आर्थिक और राजनीतिक विनिमय के बारे में चर्चा की गई है। अराघची ने अमेरिका के बीच चल रहे विरोध के बारे में ज्ञापन देते हुए यह उल्लेख किया कि समझौता के सफल होने के लिए दोनों पक्षों के बीच एकमत बनाने के लिए ज्ञापन ज्यादा महत्वपूर्ण है। ट्रंप की पोस्ट शेयर करना इंगित करता है कि अमेरिकी प्रशासन अब ईरान के साथ अमेरिका-ईरान समझौता पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री के बयान पर अमेरिका की प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा, “इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन कभी इतना करीब नहीं रहा।”
ट्रंप के इस कदम से देखा जा सकता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति अमेरिका-ईरान समझौता के लिए ईरान के साथ एक नई शुरुआत करना चाहते हैं। विदेश मंत्री के बयान के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति के बयान अमेरिका-ईरान समझौता के नए प्रगति की बात करते हैं। इससे पहले, दोनों देशों के बीच बढ़ते विवाद ने पश्चिम एशिया के भाग्य के बारे में चिंता भी बढ़ा दी। इस तनाव के बाद ईरान और अमेरिका के बीच नए रास्ते की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं।
समझौता के बारे में अधिक जानकारी
देशों के बीच जारी रहे तनाव के बाद ईरान और अमेरिका द्वारा अमेरिका-ईरान समझौता के लिए एक गहरी समझ के बारे में चर्चा की गई है। अराघची के बयान से लगता है कि दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक एकता की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति की यह गतिविधि ईरान के बीच चल रहे बर्बादी से बचने के लिए एक रास्ता बन सकती है। एक सूत्र के अनुसार, इस समझौता में ईरान के परमाणु खंड के अंतिम समाप्त होने और अमेरिका के बर्बादी वापस लेने के बारे में चर्चा की गई है। ट्रंप द्वारा ईरानी विदेश मंत्री की पोस्ट शेयर करना दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों के बारे में आशा भी उत्पन्न करता है।
