US से क्यों नहीं डरता ईरान? अराघची के किस्सा और बातचीत की नज़र
अमेरिकी धमकियों के बीच ईरान की मजबूती के साक्ष्य
US स क य नह डरत ईर – ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका की धमकियों के बीच अपनी असली बेबाकी को दिखाने के लिए एक बातचीत के बारे में बताया, जिसमें उन्होंने पूछा था, “क्या आप इस बातचीत में रहे हैं, जहां आपको लगा हो कि किसी भी पल वहां धमाका हो सकता है?” इस विशेष बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ ईरान के प्रतिरोध का अहम बिंदु उभरा।
अराघची ने बताया कि ईरान ने अमेरिका की मांगों के आगे झुकने के बजाए एक लंबी लड़ाई के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा, “12 दिन के युद्ध तक चले लड़ाई के दौरान हमें बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन हमने अपनी जड़ें छोड़ी नहीं।” ईरान के बारे में उनके बयान से स्पष्ट हो रहा है कि US से क्यों नहीं डरता ईरान है, क्योंकि अमेरिका के आक्रमण के खिलाफ ईरान ने बल और चालाकी के साथ प्रतिक्रिया दिखाई।
ईरान के प्रतिरोध का परिणाम: युद्ध और लोगों की समर्थन
ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि अमेरिका के हमलों के बारे में उनके लोगों के मन में कोई डर नहीं रहा था। उन्होंने कहा, “कभी आपने ऐसी बैठक में रहा है, जहां लोगों को आशंका थी कि धमाका हो सकता है?” इस बातचीत के दौरान लोग निर्भिकता के साथ अमेरिकी धमकियों का सामना करते दिखे, जिससे US से क्यों नहीं डरता ईरान के प्रश्न का जवाब मिल सकता है।
उन्होंने विटकॉफ से पूछा, “क्या आप जानते हैं कि ईरान के लोग अपनी भाग्यशाली बेबाकी के बारे में क्या सोचते हैं?” उत्तर में लोगों की स्तब्धता देखकर अराघची ने लंबे समय तक ईरान के खड़े रहने की ताकत को दिखाया।
ईरान के प्रतिरोध के परिणाम ने अमेरिका के दबाव का खंडन किया। अराघची ने कहा, “उनके बाद अमेरिका एक गलत आकलन कर चुका है। हमारी मजबूत अस्तित्व ने उनके प्रतिरोध को कमजोर कर दिया।” उन्होंने अपने विचार को स्पष्ट करते हुए बताया कि ईरान के लोग लंबे समय तक अपनी राष्ट्रीय नीति के बारे में चर्चा करते रहे और अमेरिकी धमकियों के बीच भी जड़ें छोड़ी नहीं।
उन्होंने आगे कहा, “ईरान वेनेजुएला जैसी जगह नहीं है, जहां कोई व्यक्ति खुद को बचाने के लिए आक्रमण के खिलाफ खाली बाल लगाए। हमारे लोगों ने ईरान के साथ खड़े रहने का फैसला किया, जिससे अमेरिका उस लड़ाई के बाद गलत रास्ता चुना।”
अराघची के बयान ईरान के दृढ़ नेतृत्व और लोगों की समर्थन की ताकत को साबित करते हैं। उन्होंने कहा, “US से क्यों नहीं डरता ईरान है, क्योंकि उनके खिलाफ लड़ाई के दौरान लोगों के समर्थन ने उनकी मजबूती बरकरार रखी।” इस बातचीत के दौरान ईरान ने अपने नेतृत्व को खुलकर दिखाया, जिसका परिणाम अमेरिकी कमजोरी के रूप में निकला।
ईरान के विदेश मंत्री के बयान से स्पष्ट होता है कि अमेरिकी धमकियों के बीच भी ईरान के जनता और नेता एक दूसरे का समर्थन करते रहे। उन्होंने कहा, “हमारे लोग अमेरिकी आक्रमण के बीच भी ईरान के प्रति आत्मविश्वास बरकरार रखे।” इस तरह की चर
