SIPRI रिपोर्ट: भारत ने सीमा पर 12 परमाणु हथियार तैनात किए, क्यों तेजी से बढ़ाया जखीरा?
SIPRI (स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट) की नवीनतम रिपोर्ट में भारत के परमाणु जखीरे के विस्तार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पहली बार शांतिकाल में अपनी सीमा पर 12 परमाणु हथियारों को तैनात किया है, जिससे इसके कुल जखीरे में 10 इकाई की वृद्धि हुई है। इस विकास के पीछे चीन और पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सैन्य रणनीति के लक्ष्य के अनुरूप बदलाव हैं, जिसे एक नई रणनीतिक दृष्टि से विचार किया जा रहा है।
SIPRI रिपोर्ट के मुख्य अंग
इस रिपोर्ट में देखा गया है कि भारत के पास अब 12 तैनात और 178 भंडारित परमाणु हथियार हैं। इनमें से दोनों प्रकार के हथियार भारत के परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों (SSBN) के लिए उपलब्ध हैं, जो चीन और पाकिस्तान के खिलाफ तैयारी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस संख्या की वृद्धि के साथ, भारत के परमाणु जखीरे में संभवतः एक नए चरण में प्रवेश हुआ है।
अध्ययन में उल्लेख किया गया है कि भारत ने नवीनतम प्रणालियों के विकास में जोर लगाया है, जो उसे चीन के विस्तार के लक्ष्यों तक पहुंच सकें। यह प्रक्रिया भारत के समुद्र आधारित रक्षा तंत्र में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण गतिविधि है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने नवीनतम प्रकार के हथियारों के विकास के लिए अपनी रणनीति के अंतर्गत एक अध्ययन के लिए तैयारी शुरू कर दी है, जिसके माध्यम से चीन के खिलाफ जवाबी हमला करने की क्षमता को बढ़ाया गया है।
भारत के हथियार आधुनिकीकरण और सीमा पर तैनात बम का खुलासा
भारत ने अगस्त 2024 के बाद से अपने समुद्र आधारित परमाणु हथियार तंत्र के विकास में जोर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, दो परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां अब भारत के रक्षा बलों के तहत शामिल हैं, जिसके कारण अपनी सीमा पर तैनात बम की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इन पनडुब्बियों का मुख्य उद्देश्य चीन और पाकिस्तान के खिलाफ एक विश्वसनीय जवाबी रणनीति बनाना है।
इस आकलन के अनुसार, भारत के सैन्य जखीरे में अतिरिक्त विस्तार के पीछे चीन के साथ लंबे समय से चल रही रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता और पाकिस्तान के द्वारा विश्वसनीय रूप से अपने तैयारी के लिए भारत के परमाणु भंडार के विस्तार के लक्ष्य हैं। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि भारत ने परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों के विकास में अपनी नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है।
इस विस्तार के पीछे भारत की संभावित सुरक्षा आवश्यकताओं के बारे में चर्चा की जा रही है, जो चीन के खिलाफ एक बर्बादी रोक रखने वाली क्षमता बढ़ाने के लिए अहम है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि भारत के परमाणु हथियार आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत नए लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए तैयारी चल रही है।
इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत के परमाणु हथियार तंत्र के विस्तार के बारे में पहले से अज्ञात जानकारी सामने आई है। इसके अलावा, भारत ने अ
