सरकार मानसून सत्र में संविधान संशोधन बिल के पेश करने की तैयारी में
Politics में मोदी सरकार के राजनीतिक रणनीतिकार वर्तमान मानसून सत्र में महिला आरक्षण और विधानसभा सीटों के परिसीमन के लिए संविधान संशोधन बिल के पुनर्प्रस्तुत करने की रचनात्मक योजना बना रहे हैं। इस बिल के पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करने के लिए गैरकांग्रेसी दलों, खासकर द्रमुक के साथ बातचीत के लिए उत्सुकता व्यक्त की गई है। इसके द्वारा राज्यसभा में आवश्यकता पूरी हो रही है, लेकिन लोकसभा में द्रमुक के समर्थन के बिना बिल के सफल पारित होने के अवसर नहीं रह गए हैं।
द्रमुक के साथ सहयोग की आवश्यकता
एक मंत्री के अनुसार, द्रमुक के समर्थन के बिना संविधान संशोधन बिल के मार्ग पर रोक लग सकती है। राज्यसभा में इस बिल के पारित होने के लिए कांग्रेस के बाद द्रमुक के समर्थन के बिना बिल के गैरकांग्रेसी दलों के बीच संघटन के अभाव के कारण आवश्यकता हो रही है। इसलिए गृह मंत्री अमित शाह ने द्रमुक के साथ बातचीत शुरू कर दी है, जिससे Politics में नए संपर्क की गहराई बढ़ सकती है।
तमिलनाडु चुनाव के नतीजों का असर
तमिलनाडु चुनाव के बाद द्रमुक ने विपक्षी इंडिया ब्लॉक से दूरी बनाकर Politics में नए रूप में समर्थन का दौर शुरू कर दिया है। इस बदलाव के बाद सरकार को अपने आरक्षण बिल के पारित होने के लिए द्रमुक के साथ संविधान संशोधन बिल और अन्य सियासी मुद्दों पर सहमति प्राप्त करने की उम्मीद है।
एक मंत्री के अनुसार, द्रमुक के साथ सहयोग स्थापित होने पर संविधान संशोधन बिल के मार्ग बहुत सरल हो जाएगा। इसके बाद विभिन्न दलों या सांसदों के समर्थन के लिए बिल के लागू होने की उम्मीद है, जिससे Politics में अपने राजनीतिक उद्देश्य के प्राप्त करने के लिए नए प्रयास शुरू हो सकते हैं।
अतिरिक्त समर्थन के लिए रणनीति
द्रमुक के 22 सांसदों के बिना सरकार को 360 में से 346 सांसद हासिल करने के लिए भाजपा एनसीपी पवार (7), वाईएसआर (4), जेएमएम (3) जैसे गैरकांग्रेसी दलों से जुड़ने की नई रणनीति अपनाई गई है। इसके अलावा सपा (37) के साथ भी संपर्क साधे जा रहे हैं। इन दलों के समर्थन के बिना संविधान संशोधन बिल के Politics में बहुमत प्राप्त करने की उम्मीद लगातार बढ़ रही है।
विपक्षी दलों के संगठन के प्रभाव
शिवसेना और टृणमूल कांग्रेस के बीच टूट के बाद सरकार के पास एडी चोटी के समर्थन के बारे में नई उम्मीद उत्पन्न हो गई है। इस विपक्षी दल के सहयोग के बिना Politics में राजनीतिक विपर्यय की संभावना बढ़ गई है, लेकिन राज्यसभा में बहुमत प्राप्त करने के लिए इनके अलावा अन्य दलों की मदद लेने की योजना बनाई गई है।
संविधान संशोधन बिल की अहमता
इस बिल के माध्यम से सरकार जनता के अधिकारों को बढ़ावा देने और लोकतंत्र के अंतर्गत महिला आरक्षण को आवश्यक रूप से लागू करने की कोशिश कर रही है। इस रणनीति के तहत Politics में नए राजनीतिक भागीदारों की खोज जारी है। इसके अलावा
