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Ajit Doval: अजीत डोभाल को क्यों बनाया था NSA? गृह मंत्री अमित शाह ने बताई PM मोदी के फैसले के पीछे की वजह

Foto : Joseph Moore - indianewslive247.com

अजीत डोभाल को NSA क्यों बनाया गया? अमित शाह ने खोला राज

Indianewslive247.com – पुणे में शनिवार को आयोजित एक विशेष समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि का भी उल्लेख किया गया। शाह ने अपने भाषण में तिलक के साहसी राष्ट्रवादी विचारों और अजीत डोभाल द्वारा निर्मित आधुनिक भारत के सुरक्षा ढांचे के बीच समानता स्थापित की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा में अजीत डोभाल का योगदान इतना महत्वपूर्ण है कि इतिहास की किताबों में उनके लिए एक स्वर्णिम पन्ना हमेशा सुरक्षित रहेगा।

पीएम मोदी ने अजीत डोभाल को ही क्यों चुना?

प्रधानमंत्री मोदी की तीनों सरकारों में अजीत डोभाल लगातार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद पर काबिज रहे। गृह मंत्री ने इस नियुक्ति के पीछे के कारणों का खुलासा करते हुए बताया कि 2014 से पहले भारत की विदेश नीति में दृढ़ता की कमी महसूस की जाती थी। लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और अजीत डोभाल की रणनीतिक भूमिका ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद सबसे पहले अजीत डोभाल को इस पद पर नियुक्त किया था।

आज भारत की विदेश नीति मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान के साथ दुनिया के सामने खड़ी है। इसमें अब इस्पात जैसी मजबूती है, जिसे कोई नकार नहीं सकता।

शाह ने गुजरात के गृह मंत्री रहने के दौरान के एक अनुभव को याद करते हुए बताया कि अहमदाबाद में सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अजीत डोभाल से चर्चा करने की सलाह दी थी। उस समय शाह की अजीत डोभाल से कोई व्यक्तिगत पहचान नहीं थी। अजीत डोभाल उनके घर आए और जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इन सुझावों के आधार पर गुजरात पुलिस ने न केवल अहमदाबाद बम धमाकों का सफलतापूर्वक खुलासा किया, बल्कि देशभर में हुए 13 बम धमाकों के मामलों की गुत्थी भी एक साथ सुलझाने में सफलता हासिल की। शाह ने इसे बेहद बड़ी उपलब्धि करार दिया।

अजीत डोभाल को दिया गया पुरस्कार का महत्व

अमित शाह ने लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार को केवल सम्मान देने की औपचारिकता नहीं बल्कि समाज की ओर से उन व्यक्तित्वों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि जब ऐसे लोगों का सम्मान होता है तो समाज उनके प्रति अपना ऋण कुछ हद तक चुकाता है। साथ ही, उनका जीवन और कार्य नई पीढ़ी तथा देश के लिए समर्पित हर नागरिक को प्रेरणा देते हैं। अजीत डोभाल को दिया गया यह पुरस्कार आने वाले समय में देशसेवा की भावना रखने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

(इस घटनाक्रम की तस्वीरें एशियन न्यूज इंटरनेशनल द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा की गईं हैं।)

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