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ब्रिक्स पर दो हिस्सों में बंटी कांग्रेस: चिदंबरम बोले- भारत को क्या मिला; थरूर ने बताया देश के लिए क्यों अहम?

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Foto : David Miller - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. ब र क स पर द: कांग्रेस में अलग-अलग राय
  2. चिदंबरम ने भारत को मिले लाभों पर उठाए सवाल
  3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  4. Related Reading
  5. Frequently Asked Questions

ब र क स पर द: कांग्रेस में अलग-अलग राय

Indianewslive247.com – ब र क स पर द ह – ब र क स पर द कांग्रेस के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ब्रिक्स को ग्लोबल साउथ के देशों के लिए अहम मंच बताया, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने हालिया बैठकों से भारत को मिले ठोस लाभों पर सवाल उठाए।

थरूर के अनुसार, ग्लोबल साउथ में 100 से अधिक देश हैं और ब्रिक्स के 11 सदस्य देश विभिन्न क्षेत्रों तथा विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता और शिखर सम्मेलन की मेजबानी देश के लिए कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अवसर है।

थरूर ने ब्रिक्स की अहमियत क्यों बताई?

शशि थरूर ने कहा कि ब्रिक्स के 11 देश दुनिया की बड़ी आबादी और वैश्विक जीडीपी के करीब 41 फीसदी हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके मुताबिक, इस आर्थिक और जनसंख्या संबंधी प्रभाव के कारण दुनिया के अन्य देशों को भी इस समूह को गंभीरता से लेना चाहिए।

उन्होंने सम्मेलन में करीब एक दर्जन राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों की मौजूदगी को भारत की कूटनीतिक क्षमता का संकेत बताया। थरूर ने कहा कि सदस्य देशों के अलावा कुछ पर्यवेक्षक देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी शामिल हो रहे हैं, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ जाता है।

चिदंबरम ने भारत को मिले लाभों पर उठाए सवाल

पी. चिदंबरम ने बुधवार को कहा कि उन्हें पिछली दो-तीन ब्रिक्स बैठकों से भारत के लिए कोई विशेष परिणाम दिखाई नहीं दिया। उन्होंने याद दिलाया कि भारत ब्रिक्स के साथ शंघाई सहयोग संगठन, जी20 और क्वाड जैसे कई बहुपक्षीय मंचों का सदस्य है, लेकिन इनसे मिलने वाले ठोस लाभों पर चर्चा होनी चाहिए।

उनके बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। वहीं, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने चिदंबरम को अनुभवी और गहरी समझ रखने वाला नेता बताते हुए कहा कि उनकी चेतावनी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

सलमान खुर्शीद ने क्या कहा?

सलमान खुर्शीद ने कहा कि कई बहुपक्षीय संगठन चर्चा तक सीमित रह जाते हैं, इसलिए परिणाम देने वाली नेतृत्व क्षमता जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को चिदंबरम के सुझावों पर विचार करना चाहिए, ताकि ऐसे नतीजे हासिल हों जिन पर देश गर्व कर सके।

खुर्शीद ने सीमा पार आतंकवाद को भारत की प्रमुख चिंता बताया और वैश्विक स्तर पर इसके खिलाफ अधिक प्रभावी प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने रूस को भारत का पुराना और भरोसेमंद मित्र भी बताया।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों और चर्चाओं में विपक्ष को भी शामिल किया जाना चाहिए था। ईरान, यूएई और चीन जैसे देशों के साथ मतभेदों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सभी 11 सदस्य देशों को साथ लेकर आगे बढ़ना आवश्यक है।

खुर्शीद ने उम्मीद जताई कि भारत सम्मेलन में वैश्विक शांति और आतंकवाद के खिलाफ ठोस पहल के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ब्रिक्स में कितने सदस्य देश हैं?

ब्रिक्स में 11 प्रमुख सदस्य देश शामिल हैं, जिनका प्रतिनिधित्व विभिन्न क्षेत्रों और राजनीतिक-आर्थिक दृष्टिकोणों से होता है।

भारत के लिए ब्रिक्स सम्मेलन क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत की अध्यक्षता और सम्मेलन की मेजबानी को कूटनीतिक प्रतिष्ठा का अवसर माना जा रहा है। इससे भारत को कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ संवाद का मंच मिलता है।

कांग्रेस नेताओं के बीच मतभेद किस बात पर हैं?

थरूर ब्रिक्स की वैश्विक उपयोगिता और भारत की मेजबानी को महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि चिदंबरम ने हालिया बैठकों से देश को मिले ठोस लाभों का सवाल उठाया है।

Frequently Asked Questions

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