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‘देश आर्थिक संकट की ओर, पीएम जश्न में व्यस्त’: रेपो रेट बढ़ने पर केंद्र पर कांग्रेस हमलावर, क्या लगाए आरोप?

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Foto : Charles Davis - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. रेपो दर बढ़ने पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला
  2. आरबीआई के फैसले से कर्ज पर क्या असर पड़ सकता है?
  3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  4. Related Reading
  5. Frequently Asked Questions

रेपो दर बढ़ने पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला

Indianewslive247.com – द श आर थ क स कट – द श आर थ क स के मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को घेरा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है, जबकि प्रधानमंत्री अपनी 25 वर्षों की उपलब्धियों का जश्न मनाने में व्यस्त हैं।

यह प्रतिक्रिया भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बेंचमार्क रेपो दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर उसे 5.50 प्रतिशत करने के एक दिन बाद आई। फरवरी 2023 के बाद रेपो दर में यह पहली वृद्धि बताई गई है।

आरबीआई के फैसले से कर्ज पर क्या असर पड़ सकता है?

आरबीआई की रेपो दर बढ़ने के बाद मौजूदा कर्ज की ईएमआई और नए ऋण की लागत बढ़ने की आशंका जताई गई है। ऐसे में घर, वाहन या कारोबार के लिए कर्ज लेने वालों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ सकता है। यह फैसला त्योहारी मौसम से पहले लिया गया है।

आरबीआई की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर बढ़ाने का फैसला सर्वसम्मति से किया। समिति ने अपने नीतिगत रुख को ‘तटस्थ’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ किया, जिस पर 4:2 के बहुमत से निर्णय हुआ। आरबीआई ने बढ़ती महंगाई, कमजोर रुपये और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच आगे भी दरों में वृद्धि के संकेत दिए हैं।

जयराम रमेश ने क्या आरोप लगाए?

जयराम रमेश ने कहा कि रेपो रेट बढ़ने से लोगों पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा और कर्ज महंगा होने से खर्च, निवेश तथा व्यापार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी और घटती कमाई के कारण मध्यम तथा गरीब वर्ग की आर्थिक स्थिति लगातार कठिन हो रही है।

कांग्रेस नेता ने शेयर बाजार में गिरावट, विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी और रुपये के ऐतिहासिक निचले स्तर पर होने का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, ये परिस्थितियां द श आर थ क स की चिंता को गहरा करती हैं। उन्होंने जीडीपी से जुड़े दावों के बीच आम लोगों पर बढ़ते दबाव का मुद्दा उठाया।

“बरबादियों का जश्न मनाता चला गया, हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया।”

रमेश ने देव आनंद अभिनीत फिल्म ‘हम दोनों’ के इस गीत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है, लेकिन सरकार जनता की चिंताओं के बजाय उपलब्धियों के उत्सव में व्यस्त है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रेपो दर बढ़ने का मतलब क्या है?

रेपो दर वह ब्याज दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को अल्पकालिक कर्ज देता है। इसमें बढ़ोतरी होने पर बैंक भी अपने ऋण की ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं, जिससे ईएमआई महंगी हो सकती है।

द श आर थ क स की चिंता क्यों उठाई जा रही है?

कांग्रेस ने महंगाई, महंगे कर्ज, बेरोजगारी, कमजोर रुपये और निवेशकों की निकासी जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए आर्थिक दबाव बढ़ने का आरोप लगाया है।

Frequently Asked Questions

What is द श आर थ क स कट?

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Why does द श आर थ क स कट matter?

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