जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसा: कहां से आए थे? कौन थे पांचों मरने वाले श्रद्धालु; सबकी हुई पहचान, एक तो इंस्पेक्टर थे
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जोशीमठ के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटना में छह लोगों की मौत
Indianewslive247.com – ज श मठ ह ल क प – उत्तराखंड के हाथी पर्वत क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक नागरिक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की जान चली गई। मृतकों में पांच यात्री और पायलट शामिल हैं। सभी यात्री कर्नाटक से जुड़े थे और उनकी पहचान कर ली गई है। दुर्घटना के बाद पहाड़ी इलाके में व्यापक बचाव अभियान चलाया गया तथा सभी शव बरामद कर लिए गए।
ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से देहरादून की ओर जा रहा था। हादसा दोपहर करीब दो बजे हुआ। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में दुर्घटना की सूचना मिलते ही उत्तराखंड प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। सेना, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घटनास्थल तक पहुंचीं।
मृतकों की हुई पहचान
दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के नाम प्रतापा, अरुण सालुंके, शंकर गौड़ा, सुधीर के और एच. एस. नटराज बताए गए हैं। हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन हिमांशु की भी इस दुर्घटना में मृत्यु हो गई। बचाव दल ने सभी छह पार्थिव शरीरों को बरामद कर लिया है और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जोशीमठ लाया जा रहा है।
मृतकों में बेंगलुरु पुलिस के सेंट्रल क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अरुण सालुंके भी शामिल थे। वह वर्ष 2007 बैच के अधिकारी थे और बदरीनाथ यात्रा पर गए थे। अरुण सालुंके मूल रूप से कर्नाटक के बेलगावी जिले के अर्तल गांव के निवासी थे। उनके निधन की खबर से पुलिस विभाग और उनके परिचितों में शोक है।
अन्य यात्रियों में तुमकुरु जिले के वकील शंकर गौड़ा तथा पोल्ट्री कारोबार से जुड़े एच. एस. नटराज भी थे। हादसे में मारे गए सभी यात्रियों की पहचान कर्नाटक के लोगों के रूप में हुई है। घटना के बाद राज्य सरकार के स्तर पर उत्तराखंड प्रशासन के साथ संपर्क बनाए रखा गया है।
पहाड़ी क्षेत्र में चला राहत अभियान
हाथी पर्वत का इलाका ऊंचे और कठिन पर्वतीय भूभाग में स्थित है। ऐसे स्थानों पर किसी भी दुर्घटना के बाद बचाव दलों को पहुंचने और राहत कार्य चलाने में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है। इस मामले में विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त टीमों को तत्काल लगाया गया। सेना, एसडीआरएफ और आईटीबीपी की मौजूदगी ने तलाशी एवं शव बरामदगी की कार्रवाई में मदद की।
स्थानीय प्रशासन का ध्यान दुर्घटनास्थल से सभी पीड़ितों के पार्थिव शरीरों को सुरक्षित निकालने, आवश्यक चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने तथा परिजनों तक सूचना पहुंचाने पर रहा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए शवों को जोशीमठ ले जाया जा रहा है।
कर्नाटक के नेताओं ने जताया दुख
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने इस घटना में कन्नड़ भाषी लोगों की मौत को हृदय विदारक बताया। उन्होंने विशेष रूप से इंस्पेक्टर अरुण सालुंके के निधन को पुलिस विभाग के लिए बेहद दुखद क्षति कहा।
कन्नड़ भाषियों की मौत हृदय विदारक है। इंस्पेक्टर अरुण सालुंके का निधन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत दुखद है।
केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने भी दुर्घटना पर गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
कर्नाटक मुख्यमंत्री कार्यालय और राहत आयुक्त उत्तराखंड के अधिकारियों के संपर्क में हैं। यह समन्वय मृतकों के संबंध में जरूरी औपचारिकताओं तथा उनके परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है।
बदरीनाथ यात्रा से लौटते समय हादसा
हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से देहरादून जा रहा था। बदरीनाथ उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सड़क के साथ हवाई सेवाओं का भी उपयोग किया जाता है। इस दुर्घटना ने यात्रा से लौट रहे लोगों के परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है।
घटना में मृत लोगों की पहचान स्पष्ट होने के बाद संबंधित परिवारों तक जानकारी पहुंचाने और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है। फिलहाल दुर्घटना में मारे गए सभी छह लोगों के पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के लिए जोशीमठ भेजे जा रहे हैं।
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