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कनाडा का 300 सदस्यीय व्यापार दल आज भारत आएगा: 30 साल में सबसे बड़ा मिशन; कारोबार बढ़ाने की क्या है योजना?

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Foto : Jessica Wilson - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. भारत आएगा कनाडा का 300 सदस्यीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल
  2. मुंबई और बंगलूरू क्यों चुने गए?
  3. सीईपीए वार्ता के बीच दौरे का महत्व
  4. भारत-कनाडा व्यापार पर जरूरी सवाल
  5. Related Reading
  6. Frequently Asked Questions

भारत आएगा कनाडा का 300 सदस्यीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल

Indianewslive247.com – कन ड क 300 सदस य व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत के दौरे पर आ रहा है। तीन दशकों में कनाडा का यह सबसे बड़ा व्यापार मिशन माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारतीय कंपनियों, निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ नए कारोबारी रिश्ते बनाना है।

कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। 12 से 17 अक्तूबर तक प्रस्तावित यात्रा में दल मुंबई और बंगलूरू में बैठकों तथा व्यावसायिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा।

2030 तक 70 अरब कैनेडियन डॉलर का लक्ष्य

भारत और कनाडा ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कैनेडियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 4.75 लाख करोड़ रुपये है। इस लक्ष्य के तहत वस्तुओं और सेवाओं के कारोबार के साथ निवेश सहयोग को भी बढ़ाने पर जोर है।

कन ड क 300 सदस य मिशन में विमानन, कृषि एवं खाद्य उत्पादों और स्वच्छ प्रौद्योगिकी से जुड़ी कंपनियों की भागीदारी अहम मानी जा रही है। कनाडा इन क्षेत्रों की अपनी विशेषज्ञता को भारत में बढ़ती मांग से जोड़ने की कोशिश करेगा।

विमानन, कृषि-खाद्य और स्वच्छ प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाना इस दौरे की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुंबई और बंगलूरू क्यों चुने गए?

मुंबई देश का प्रमुख वित्तीय और कारोबारी केंद्र है, जबकि बंगलूरू प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और नवाचार के लिए जाना जाता है। इन शहरों में होने वाली बैठकों से कनाडाई कंपनियों को भारतीय उद्योग जगत, संभावित ग्राहकों और निवेशकों से सीधे संपर्क का अवसर मिलेगा।

प्रतिनिधिमंडल की यात्रा का लक्ष्य केवल निर्यात बढ़ाना नहीं है। कंपनियां आपूर्ति श्रृंखला, संयुक्त निवेश, तकनीकी सहयोग और बाजार पहुंच जैसे विषयों पर भी चर्चा कर सकती हैं। इससे दोनों देशों के कारोबारी संबंध अधिक विविध होने की संभावना है।

सीईपीए वार्ता के बीच दौरे का महत्व

यह यात्रा भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते, यानी सीईपीए, पर जारी बातचीत के बीच हो रही है। दोनों देश वर्ष के अंत तक इस समझौते पर बातचीत आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

सीईपीए वार्ता का पांचवां दौर 5 से 9 अक्तूबर के बीच कनाडा की राजधानी ओटावा में हुआ था। ऐसे समय में कनाडा का 300 सदस्यीय व्यापार दल भारत पहुंचना इस बात का संकेत है कि सरकारी बातचीत के साथ उद्योगों के स्तर पर भी साझेदारी को मजबूत करने की तैयारी है।

1 अक्तूबर को अमेरिका के मिल्वौकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान मनिंदर सिद्धू ने भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने व्यापार समझौते और निवेश संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की थी।

भारत-कनाडा व्यापार पर जरूरी सवाल

यह प्रतिनिधिमंडल कितने दिन भारत में रहेगा?

कन ड क 300 सदस य व्यापार प्रतिनिधिमंडल का कार्यक्रम 12 से 17 अक्तूबर तक प्रस्तावित है। इस दौरान मुंबई और बंगलूरू में कारोबारी बैठकों पर ध्यान रहेगा।

किन क्षेत्रों में सहयोग की संभावना है?

विमानन, कृषि एवं खाद्य उत्पादों तथा स्वच्छ प्रौद्योगिकी को प्रमुख क्षेत्रों के रूप में देखा जा रहा है। इन क्षेत्रों में व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के नए अवसर तलाशे जा सकते हैं।

सीईपीए से क्या लाभ हो सकता है?

व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते का उद्देश्य व्यापार और निवेश के लिए बेहतर ढांचा तैयार करना है। समझौते पर प्रगति होने से कंपनियों को बाजार पहुंच, साझेदारी और दीर्घकालिक निवेश के अवसर मिल सकते हैं।

Frequently Asked Questions

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