इंदौर: धरना देने आए दंपति की पुलिस ने की गिरफ्तारी
Indianewslive247.com – कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निवास स्थान के बाहर छात्रों के पक्ष में प्रदर्शन करने पहुंचे एक दंपति के खिलाफ परदेशीपुरा थाना पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। Indore News की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार की दोपहर में प्रहलाद पाण्डेय और उनकी पत्नी संगीता ने संविधान की प्रति हाथों में लिए मंत्री के घर के सामने धरना दिया था। पुलिस प्रशासन को इस घटना की जानकारी लगभग एक घंटे पहले ही हो चुकी थी। सूचना मिलते ही सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मंत्री निवास के आसपास सुरक्षा घेराबंदी को और मजबूत कर दिया।
बिना अनुमति लिए किया गया विरोध प्रदर्शन
Indore News की खबर के अनुसार, पुलिस के अनुसार दोनों ने विरोध प्रदर्शन के लिए कोई पूर्व अनुमति प्राप्त नहीं की थी। इंदौर के पांडे दंपती ने छात्र आंदोलन के समर्थन में पहले सांसद शंकर लालवानी के घर के बाहर धरना दिया था। इसके बाद वे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर धरना देने पहुंच गए थे। सोशल मीडिया और धरना स्थलों से भीड़ जुटाने का प्रयास पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
दंपती ने इस प्रदर्शन को बड़ा रूप देने के लिए सोशल मीडिया पर कई संदेश प्रसारित किए थे। इसके अलावा टंट्याभील चौराहे पर जारी विद्यार्थियों के आंदोलन में पहुंचकर भी उन्होंने छात्रों से मंत्री निवास के घेराव में शामिल होने की अपील की थी।
तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों के साथ कोई भी अन्य व्यक्ति प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंचा और दोनों को अकेले ही विरोध दर्ज कराना पड़ा। जब दंपती मौके पर पहुंचे तो मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने और रोकने का प्रयास किया। Indore News की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बावजूद जब प्रहलाद पाण्डेय सड़क पर बैठकर विरोध जताने लगे, तब पुलिस बल ने उन्हें उठाकर अपनी गाड़ी में बैठाया। साथ ही उनकी पत्नी को भी महिला पुलिस की मदद से थाने ले जाया गया।
धारा 151 के तहत दर्ज हुआ मामला
Indore News की खबर के अनुसार, थाना प्रभारी आर.डी.कानवा के अनुसार पूछताछ में दंपती ने माना कि उनसे नियम उल्लंघन की भूल हुई है। बिना किसी पूर्व अनुमति के संवेदनशील क्षेत्र में प्रदर्शन करने और शांति व्यवस्था को प्रभावित करने के आरोप में पुलिस ने दंपती के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने धारा 151 एवं बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने की धाराओं में मामला पंजीकृत कर दोनों को जेल भेज दिया है।
दंपति ने पुलिस को बताया कि विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा यह कहना कि NEET परीक्षा घोटाला प्रदेश का विषय नहीं है, फिर छात्र आंदोलन को प्रायोजित बताना और अब छात्रों के संदर्भ में अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने से युवाओं और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है।
Indore News की रिपोर्ट के अनुसार, इसके विरोध में वे धरना देने पहुंचे थे।

