निवेशकों के 4 लाख करोड़ रुपये डूबे: शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट
Indianewslive247.com – भारतीय शेयर बाजार में बीते पांच सत्रों से लगातार गिरावट का सिलसिला चल रहा है, जिसका सीधा असर निवेशकों की जेब पर पड़ा है। बीते चार कारोबारी दिनों के दौरान बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 481 लाख करोड़ रुपये से घटकर 477 लाख करोड़ रुपये से भी नीचे आ गया है। इसका मतलब है कि निवेशकों के लगभग चार लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं।
शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट
शुक्रवार को बाजार में नीचे की ओर रुझान देखा गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 703.04 अंक की गिरावट के साथ 75,688.35 के स्तर पर पहुंचा, जो 0.92 फीसदी का नुकसान दर्शाता है। इसी दौरान निफ्टी भी 203.25 अंक टूटकर 23,666.35 पर आ गया। सुबह 9 बजकर 20 मिनट पर सेंसेक्स करीब 450 अंक के नुकसान में 75,940 अंक के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी लगभग 125 अंक के घाटे में 23,745 अंक के पास था।
मुद्रा बाजार में भी बदलाव देखा गया। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 96.58 पर पहुंच गया। हालांकि निवेशकों की धारणा अभी भी कमजोर बनी हुई है।
बाजार पर दबाव के प्रमुख कारण
शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारक जिम्मेदार रहे। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि हुई। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव की आशंका बढ़ी। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली जारी रही, जिससे पूंजी का बहिर्प्रवाह हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें निकट भविष्य में घरेलू शेयर बाजारों पर भारी पड़ेंगी।
कमजोर वैश्विक धारणा ने भी निवेशकों के आत्मविश्वास को प्रभावित किया। इन सभी नकारात्मक कारकों ने कंपनियों की जारी आय तिमाही के सकारात्मक प्रभाव को कम कर दिया। सावधानी भरे वैश्विक संकेतों ने बाजार पर दबाव डाला। बाजार को कंपनियों के तिमाही परिणामों से भी कोई खास मदद नहीं मिली।
वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख
वैश्विक बाजारों में भी मिला-जुला प्रदर्शन देखा गया। जापान का टोपीक्स 1 फीसदी नीचे गिर गया। ऑस्ट्रेलिया का एस. एंड पी./ए.एस.एक्स. 200 भी 0.9 फीसदी गिरा। हांगकांग का हैंग सेंग 1.3 फीसदी और शंघाई कंपोजिट 1 फीसदी नीचे आया। टोक्यो समय अनुसार सुबह 11:53 बजे तक एस. एंड पी. 500 फ्यूचर में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर भी अपरिवर्तित रहे।

