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Bhojshala: भोजशाला के पास हुई जुमे की नमाज, SC के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने खसरा नंबर 612 पर उपलब्ध कराई जगह

Foto : Joseph Moore - indianewslive247.com

भोजशाला: SC के आदेश के बाद जुमे की नमाज, खसरा नंबर 612 पर स्थल उपलब्ध

Indianewslive247.com – मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध भोजशाला परिसर में शुक्रवार को जुमे की नमाज का सफल आयोजन हुआ। सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश के बाद जिला प्रशासन ने भोजशाला के निकट खसरा नंबर 612 स्थल को नमाज के लिए विशेष रूप से उपलब्ध करवाया। इस व्यवस्था के लिए प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत तैयारियां की गईं ताकि कोई बाधा न आए।

बारिश में नमाजियों के लिए विशेष प्रबंध

शुक्रवार की सुबह से ही बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिसके कारण भोजशाला के आसपास की भूमि गीली हो गई थी। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने नमाजियों की सुविधा के लिए तिरपाल बिछाए। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग की गई और अप्रिय घटनाओं की स्थिति में निपटने हेतु पुलिस बल को तैनात किया गया।

“स्थानीय निवासियों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी, यह आश्वासन उपखंड अधिकारी ने दिया।”

स्थानीय निवासियों का विरोध और शांति

भोजशाला में नमाज के आयोजन की खबर मिलते ही स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई। उनका तर्क था कि जिस भूमि पर नमाज की अनुमति दी गई है, वह उनकी स्वामित्व वाली जमीन है। वे वर्षों से इस भूमि पर कृषि कार्य कर रहे हैं। उपखंड अधिकारी राजकुमार हलदर को सूचना मिलते ही वे अपनी टीम के साथ तुरंत पहुंचे।

एसडीएम ने लिखित और मौखिक रूप से आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी वापस चले गए। स्थानीय निवासियों ने भोजशाला क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सहयोग का वादा किया।

न्यायालय के निर्णयों का इतिहास

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 15 मई को अपने 242 पृष्ठों के फैसले में वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर घोषित किया था। इसी फैसले में एएसआई के 2003 के आदेश को रद्द किया गया था, जिसमें मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार की नमाज की अनुमति दी गई थी।

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि मुस्लिम पक्ष मस्जिद निर्माण के लिए अलग भूमि के लिए राज्य सरकार से बात कर सकता है। हाई कोर्ट के निर्णय के बाद मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट गया। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए दरगाह भूमि पर शुक्रवार की नमाज की अनुमति दी। साथ ही यह भी कहा गया कि राज्य सरकार और मुस्लिम पक्ष आपसी सहमति से भविष्य में किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर नमाज के लिए विचार कर सकते हैं।

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