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नेपाल में सांप्रदायिक तनाव गहराया: सुनसरी के बाद सप्तरी में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू; सीमा पर पहचान पत्र अनिवार्य

Foto : Charles Gonzalez - indianewslive247.com

नेपाल के तराई क्षेत्र में बढ़ता तनाव: सप्तरी में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू और सीमा पर नया नियम

Indianewslive247.com – न प ल म स प रद – भारत की सीमा से सटे नेपाल के तराई इलाके में सांप्रदायिक तनाव लगातार तेज हो रहा है। सुनसरी में शुरू हुई हिंसा अब धनुषा, सप्तरी और सिराहा जैसे कई जिलों में फैल चुकी है। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने कर्फ्यू और निषेधाज्ञा की कार्रवाई की है, साथ ही सुरक्षा बलों की संख्या में भी वृद्धि की गई है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की अपील

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने तनावपूर्ण माहौल पर गहरी चिंता जताई है। दोनों ने देशवासियों से शांति, एकता और संयम बनाए रखने का आह्वान किया है।

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सभी राजनीतिक दलों, नागरिक समाज संगठनों और आम नागरिकों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की अपील की।

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने अपने टेलीविजन संबोधन में स्पष्ट किया कि सरकार हालिया हिंसा की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराएगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाकर जवाबदेह ठहराया जाएगा। साथ ही, उन्होंने सभी नागरिकों से शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का आग्रह किया।

सप्तरी में कर्फ्यू की वजह

सांप्रदायिक झड़पों के विरोध में लोगों के समूहों द्वारा प्रदर्शन किए जाने के बाद एहतियात के तौर पर सप्तरी जिला प्रशासन कार्यालय ने राजबिराज नगरपालिका के कुछ हिस्सों में शुक्रवार सुबह 8 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया।

सप्तरी में कर्फ्यू लगाए जाने के बाद कर्फ्यू वाले जिलों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। सुनसरी, धनुषा और सिराहा जिलों के कुछ हिस्सों में पहले से ही कर्फ्यू लागू है। ये सभी जिले भारत की सीमा से लगे नेपाल के दक्षिणी तराई क्षेत्र में स्थित हैं। अधिकारी हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।

हिंसा की शुरुआत और कारण

रविवार को दो धार्मिक समुदायों के जुलूस और धार्मिक आयोजनों के दौरान हुए विवाद के बाद हालात बिगड़ गए। हिंसा उस समय भड़की जब अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर रहे दोनों समुदायों के सदस्य लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर आमने-सामने आ गए।

कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई, जिसके बाद सुरक्षाबलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। भिड़ते समूहों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

हिंसा का दायरा और नया प्रशासनिक फैसला

गुरुवार को हिंसा पड़ोसी मधेस प्रांत तक फैल गई, जहां सिराहा जिले में हुई झड़पों में एक किशोर की मौत हो गई। वहीं, सुनसरी हिंसा में घायल एक अन्य व्यक्ति ने कोशी प्रांत में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अब तक इस हिंसा में तीन लोगों की जान जा चुकी है।

सीमावर्ती सर्लाही जिले की जिला सुरक्षा समिति ने भारत से नेपाल में प्रवेश करने वाले सभी लोगों के लिए वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य कर दिया है। इसकी जानकारी सहायक मुख्य जिला अधिकारी होम प्रसाद घिमिरे ने दी।

सिराहा में पुलिसकर्मी पर हमला

एक अलग घटना में गुरुवार रात सिराहा जिले की लहान नगरपालिका में एक अज्ञात हमलावर ने पुलिस कॉन्स्टेबल नारद परियार को गोली मार दी। गोली उनकी दाहिनी जांघ में लगी, जिसके बाद उन्हें विराटनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

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