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दो घरों के चिराग एक साथ बुझे: पति के बाद इकलौते बेटे का सहारा भी छिना, इरशाद को लिया था गोद; दो दोस्तों की मौत

Foto : Elizabeth Smith - indianewslive247.com

लोनी के दो दोस्तों की मुरथल हादसे में मौत: द घर क च र ग एक साथ बुझे

Indianewslive247.com – द घर क च र ग एक – बृहस्पतिवार सुबह लोनी के बबलू गार्डन कॉलोनी में एक दुखद खबर ने कोहराम मचा दिया। द घर क च र ग एक – घर से निकलते समय दोनों दोस्तों ने वादा किया था कि वे सुबह तक वापस आ जाएंगे, लेकिन करीब पांच बजे बागपत पुलिस का फोन आया। पहले घायल होने की सूचना मिली, फिर जीटीबी अस्पताल में पहुंचने पर परिजनों ने दोनों की मौत की जानकारी पाई।

कार से टकराव में हुई भीषण हादसा

पुलिस के अनुसार, लोनी निवासी इरशाद का बुधवार को जन्मदिन था। वह अपने दोस्तों रिहान, राजा और साहिल के साथ बागपत पहुंचा था। वहां से बूढ़पुर के नईम और सागर को साथ लेकर वे मुरथल में जन्मदिन की पार्टी मनाने गए। पार्टी समाप्त होने के बाद सभी वापस लौट रहे थे। तड़के करीब चार बजे उनकी कार के सामने अचानक एक वाहन आ गया। उसे बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित हो गई। इसी दौरान कार का टायर भी पंचर हो गया और वह सड़क किनारे खड़ी पिकअप से जा टकराई।

टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आगे की सीट पर बैठे इरशाद (27) और रिहान (24) की मौके पर ही मौत हो गई। औद्योगिक चौकी पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव कार से बाहर निकाले। चारों घायलों को पहले जिला अस्पताल और बाद में गंभीर हालत में जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया।

15 साल की दोस्ती मौत ने भी न कर सकी जुदा

बचपन में शुरू हुई दोस्ती ने जवानी तक साथ निभाया और आखिर में मौत भी दोस्तों को अलग नहीं कर सकी। रिहान और इरशाद की दोस्ती करीब 15 साल पुरानी थी। दोनों परिवारों के बीच भी काफी नजदीकी थी। रिहान के पिता रफीक कार मैकेनिक हैं, जबकि इरशाद के पिता शमशाद सिलाई करते थे। रफीक अक्सर कपड़े सिलवाने के लिए शमशाद के पास जाते थे। इसी दौरान दोनों परिवार करीब आए और दोनों बच्चों की दोस्ती शुरू हुई।

दोनों दोस्त एक-दूसरे की हर खुशी और परेशानी में साथ खड़े रहते थे।

रिहान के भाई मो. मुस्तकीम ने यह बात बताई। रिहान मूल रूप से संभल जिले का रहने वाला था। उसका परिवार करीब 12 वर्षों से लोनी में रह रहा है। वह दसवीं तक पढ़ाई करने के बाद कार मैकेनिक का काम सीख रहा था। इरशाद करीब दो महीने पहले मां अनीसा के साथ बबलू गार्डन कॉलोनी में किराये पर रहने आया था। वह सिलाई करता था।

गोद भरकर भी आंगन सूना छिन गया आखिरी सहारा

वर्षों तक संतान के लिए तरसती आंखों को जब एक बेटे का सहारा मिला तो अनीसा और शमशाद ने उसे अपनी पूरी दुनिया बना लिया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। द घर क च र ग एक – दो साल पहले पति का साथ छूटा और अब सड़क हादसे में इकलौते बेटे की मौत ने अनीसा से जिंदगी की आखिरी उम्मीद भी छीन ली। लोनी के बबलू गार्डन कॉलोनी निवासी अनीसा और शमशाद की शादी के कई साल बाद भी संतान नहीं हुई। मां बनने की इच्छा अधूरी रह गई तो उन्होंने करीब एक साल की उम्र में इरशाद को गोद लिया।

इसके बाद इरशाद ही उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी बन गया। उन्होंने उसे सगे बेटे की तरह पाला और उसकी हर जरूरत पूरी की। करीब दो साल पहले बीमारी के चलते शमशाद का निधन हो गया। पति के जाने के बाद इरशाद ही अनीसा का एकमात्र सहारा था। परिवार की जिम्मेदारियां भी उसी के कंधों पर थीं। मां को भरोसा था कि बेटा बुढ़ापे का सहारा बनेगा, लेकिन बृहस्पतिवार सुबह हुए हादसे ने उनकी यह उम्मीद भी हमेशा के लिए खत्म कर दी।

इरशाद की मौत की खबर सुनते ही अनीसा बदहवास हो गई। आसपास के लोग भी गम में डूब गए। मोहल्ले में हर कोई यही कह रहा था कि पहले पति और अब बेटे को खोने के बाद अनीसा का पूरा संसार उजड़ गया।

घायल दोस्तों की हालत गंभीर

घायल राजा (22) दिल्ली में बिरयानी बेचने का काम करता है, जबकि साहिल (20) सिलाई करता है। साहिल के सिर, कमर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। दोनों के अलावा नईम और सागर भी अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे की सूचना मिलते ही चारों युवकों के परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। पूरे इलाके में घटना के बाद शोक का माहौल है।

पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बताया कि इरशाद के चाचा इकराम की तहरीर पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ बड़ौत कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। नईम और उसके दोस्त सागर का लोनी आना-जाना लगा रहता था। वहीं उनकी दोस्ती रिहान और इरशाद से हुई थी।

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