राम मंदिर दान विवाद में नया बदलाव
Indianewslive247.com – र म म द र च द – श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर एक नया पत्र भेजा गया है जिसमें प्रधानमंत्री को बैंक खातों, भूमि खरीद-फरोख्त और अन्य संपत्तियों के विवरण के साथ सभी दान के उपयोग की सार्वजनिक जानकारी देने की मांग की गई है। इस पत्र में उल्लेख किया गया है कि नृपेंद्र मिश्र आज अयोध्या पहुंचेंगे और ट्रस्ट द्वारा लगातार गबन प्रकरण की जांच करने की बात कही गई है।
अनुरोध और मांग
डॉ. रजनीश सिंह के द्वारा प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में कहा गया है कि देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा के साथ राम मंदिर निर्माण के लिए धन और आभूषण दान दिए हैं। इसलिए इन दानों का उपयोग कैसे किया गया, इसकी जानकारी हर भक्त को देने का अधिकार है। ट्रस्ट को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्थापना से अब तक के विवरण उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गई है, जिसमें समर्पण निधि से प्राप्त धनराशि, दान पात्रों और ऑनलाइन माध्यमों से अर्जित सोना-चांदी आदि का विवरण शामिल है।
“देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण के लिए धन, आभूषण आदि समर्पित किए हैं। इसलिए प्रत्येक भक्त को जानने का अधिकार है कि दान का उपयोग कैसे किया गया।”
ट्रस्ट की प्रतिक्रिया
अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि इस मामला राम मंदिर ट्रस्ट के आंतरिक विषय है। उन्होंने जांच शुरू कर दी गई है और ट्रस्ट की नियमावली के अनुसार कार्रवाई करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट पूरी तरह से सजग और सतर्क है।
समाजवादी पार्टी की मांग
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने राम मंदिर चढ�
