कोटा में राहुल गांधी के दौरे के बाद सियासी झड़प तेज, पोस्टर बवाल बढ़ता जा रहा है
Kota – कोटा में राहुल गांधी के आगमन के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच विवाद तेज हो गया है, जिसका कारण शहर में राहुल गांधी के पोस्टर और होर्डिंग के लगाए जाने से है। इन पोस्टरों में छात्रों की समस्याओं के संबंध में चर्चा की जा रही है, जिसमें एक नोट लगाया गया है कि कोटा में राजनीतिक दलों के बीच तीखा विरोध हो रहा है।
कांग्रेस के पोस्टर और बीजेपी के हमला
कांग्रेस ने कोटा के शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर राहुल गांधी के पोस्टर लगाए हैं, जिसके खिलाफ बीजेपी के विरोधी दलों द्वारा गर्मी बढ़ा दी गई है। बीजेपी के लोगों ने कांग्रेस के पोस्टर के बीच राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों का आरोप लगाया है कि इनमें राजनीतिक असंगतियां दिखाई दे रही हैं। इस विवाद के कारण कोटा शहर अब एक सियासी मैदान के रूप में चर्चा के विषय बन गया है।
“कोटा में राहुल गांधी के पोस्टर और होर्डिंग यदि सोची-समझी साजिश के तहत हटाए जा रहे हैं, तो यह अच्छी बात नहीं है। नेता किसी भी शहर में आते हैं तो उनका स्वागत होता है, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो। इस तरह होर्डिंग नहीं उतारने चाहिए। भाजपा यही काम करती है, वे राहुल गांधी के कोटा दौरे से डर लगने लगे हैं,” कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा।
जवाहर नगर और तलवंडी जैसे क्षेत्रों में छात्रों के बीच राहुल गांधी के पोस्टर लगाए जाने के कारण बीजेपी के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। कोटा में छात्रों की आवाज को ध्यान में रखते हुए इन पोस्टरों के लगाए जाने पर बीजेपी के कार्यकर्ता अपने नेता के समर्थन में कई जगहों पर रोड शो कर रहे हैं। इन विवादों के कारण कोटा के राजनीतिक माहौल में गैस उत्पन्न हो गई है।
कांग्रेस के दावा है कि बीजेपी राहुल गांधी के आगंतुक रहने के बाद कोटा में बर्बादी कर रही है। इन पोस्टरों में लिखा है कि जिस राज में छात्रों के बीच 19 पेपर लीक हुए, वे किस मुंह से विद्यार्थियों की समस्याओं की बात करेंगे? इस बवाल के कारण कोटा के चुनावी माहौल में तेजी आ गई है।
कोटा में राहुल गांधी के दशहरा मैदान में आगंतुक के लिए तैयारी चल रही है, जहां वह छात्रों के साथ बातचीत करेंगे और परीक्षा से पहले उन्हें प्रेरित करेंगे। इस घटन
