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समुद्री गलियारों में बढ़ते खतरे: ओमान के पास टैंकर पर हमला, पांच भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला गया

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Foto : Daniel Davis - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. ओमान के पास टैंकर पर हमला, पांच भारतीय नाविक सुरक्षित निकाले गए
  2. भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भारत की नजर
  3. व्यापारिक जहाजों के सामने बढ़ती चुनौती
  4. संयुक्त राष्ट्र में उठी नाविकों की सुरक्षा की चिंता
  5. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  6. Related Reading
  7. Frequently Asked Questions

ओमान के पास टैंकर पर हमला, पांच भारतीय नाविक सुरक्षित निकाले गए

Indianewslive247.com – सम द र गल य र में बढ़ते तनाव के बीच ओमान के निकट कच्चा तेल ले जा रहे एक टैंकर पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमला होने की सूचना है। घटना में जहाज पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित रहे और पर्यावरण को नुकसान की कोई जानकारी नहीं मिली। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में हमले का सामना करने वाले कुवैत-ध्वज वाले टैंकर से पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित किनारे पहुंचाया गया।

यूनाइटेड किंगडम समुद्री व्यापार संचालन (UKMTO) के अनुसार, ओमान के पूर्व में करीब चार समुद्री मील दूर एक क्रूड ऑयल टैंकर को निशाना बनाया गया। कप्तान ने बताया कि प्रक्षेपास्त्र जहाज की बाईं ओर लगा। अधिकारियों ने क्षेत्र से गुजर रहे जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल देने की सलाह दी है।

MT Kazimah III से भारतीयों का बचाव

एक अन्य घटना में होर्मुज जलडमरूमध्य में कुवैत के ध्वज वाले टैंकर MT Kazimah III पर प्रक्षेपास्त्र हमला हुआ। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने जहाज पर मौजूद पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए बचाव प्रक्रिया का समन्वय किया। दूतावास ने सहयोग के लिए ओमान के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

जहाजों की स्थिति दर्ज करने वाले ट्रैकर के मुताबिक, MT Kazimah III कच्चा तेल ढोने वाला टैंकर है और लोमे, टोगो की ओर जा रहा था। होर्मुज जलडमरूमध्य ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम मार्ग है। इसलिए सम द र गल य र में होने वाली किसी भी सुरक्षा घटना का असर जहाजों, चालक दल और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भारत की नजर

भारत ने कहा है कि फारस की खाड़ी और आसपास के संवेदनशील जलक्षेत्रों में वाणिज्यिक जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा एवं कुशलता पर लगातार नजर रखी जा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, इस क्षेत्र में विभिन्न वाणिज्यिक जहाजों पर 4,500 से अधिक भारतीय नाविक मौजूद हैं।

इनमें 12 सक्रिय मालवाहक जहाजों पर 163 भारतीय नाविक तैनात हैं। छह जहाज भारतीय ध्वज वाले हैं, जबकि छह विदेशी ध्वज वाले जहाज भारत के लिए माल ले जा रहे हैं। जहाजरानी मंत्रालय, भारतीय मिशन और स्थानीय हितधारक नाविकों की स्थिति तथा जहाजों की आवाजाही को लेकर समन्वय कर रहे हैं।

भारत विदेशों में अपने समुद्री समुदाय की सुरक्षा और कुशलता के लिए प्रतिबद्ध है।

व्यापारिक जहाजों के सामने बढ़ती चुनौती

ओमान और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की घटनाएं ऐसे समय सामने आई हैं, जब फारस की खाड़ी, लाल सागर और काला सागर जैसे प्रमुख समुद्री मार्गों में वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरे बढ़े हैं। तेल टैंकरों पर हमले चालक दल की जान के साथ-साथ समुद्री प्रदूषण और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी जोखिम पैदा कर सकते हैं।

ओमान के पूर्व में हुए ताजा हमले में पर्यावरणीय क्षति की सूचना नहीं है, लेकिन जांच पूरी होने तक हमले की प्रकृति और जिम्मेदार पक्ष को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। सम द र गल य र की सुरक्षा के लिए जहाज संचालकों को यात्रा योजना, संचार व्यवस्था और आपातकालीन संपर्क तंत्र को मजबूत रखना आवश्यक है।

संयुक्त राष्ट्र में उठी नाविकों की सुरक्षा की चिंता

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पिछले सप्ताह 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमलों को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने नागरिक चालक दल की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता और वैश्विक व्यापार के सुचारु संचालन के लिए खाड़ी क्षेत्र में संयम तथा तनाव कम करने की आवश्यकता रेखांकित की।

भारतीय नाविकों और अन्य देशों के नाविकों की जान गई है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

होर्मुज जलडमरूमध्य इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

यह खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले तेल और अन्य वाणिज्यिक माल के प्रमुख समुद्री मार्गों में से एक है। यहां किसी भी बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक आवाजाही पर पड़ सकता है।

भारतीय नाविकों की सहायता कौन करता है?

संकट की स्थिति में भारतीय दूतावास और राजनयिक मिशन स्थानीय प्रशासन, बंदरगाह अधिकारियों तथा संबंधित कंपनियों के साथ समन्वय कर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और निकासी में सहायता करते हैं।

जहाजों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

जहाजों को आधिकारिक समुद्री चेतावनियों का पालन करना चाहिए, असामान्य गतिविधियों की तत्काल सूचना देनी चाहिए और चालक दल के लिए आपातकालीन संचार एवं सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय रखनी चाहिए।

Frequently Asked Questions

What is सम द र गल य र म?

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