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बूंद-बूंद पानी को तरस रहा PAK: बौखलाहट में अपनी हैसियत भूले पाकिस्तान के मंत्री; क्यों दी हाथ काटने की धमकी?

पाकिस्तान में जल संकट बढ़ते दिख रहे हैं

ब द ब द प न क – भारत के पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि के स्थगन के बाद देश की बेचैनी लगातार बढ़ रही है। एक ओर कई क्षेत्र गंभीर पानी की कमी के कारण संकट के धुन में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर विदेश मंत्री और राजनीतिक नेता भारत को धमकियां देने में जुट गए हैं। पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसद्दिक मलिक ने चेतावनी दी है कि कोई भी भारत के पानी के अधिकार छीनने का प्रयास करे, उसके हाथ काट दिए जाएंगे।

संधि स्थगन के पीछे कारण

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि के कार्यानुसार निर्णय लिया था कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत आतंकी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता तो संबंध सामान्य नहीं हो सकते।

“आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते, खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।”

जल संकट की गंभीरता

पाकिस्तान अब गंभीर जल संकट के कारण आंतरिक विवादों का सामना कर रहा है। खासकर सिंध और बलूचिस्तान में पानी की भारी कमी देखी जा रही है। राजनीतिक नेताओं का आरोप है कि ऊपरी क्षेत्रों में अधिक पानी रोके जाने के कारण निचले इलाके प्रभावित हो रहे हैं।

सुक्कुर बैराज की चिंता

सुक्कुर बैराज पाकिस्तान की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में से एक है। अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार नॉर्थ वेस्ट कैनाल में 64.1 प्रतिशत, राइस कैनाल में 38 प्रतिशत और दादू कैनाल में 82 प्रतिशत पानी की कमी दर्ज की गई है। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इस तरह की स्थिति बनी रहे तो कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।

प्रांतों के बीच विवाद बढ़े

संकट के कारण पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में भी विवाद उठ रहे हैं। सिंध प्रांत ने पंजाब पर अपने हिस्से के अधिकारों की रक्षा के लिए चेतावनी दी है। बातचीत और संघर्ष के बीच पाकिस्तान की बेचैनी और गहरी अस्थिरता बढ़ती जा रही है।

धमकियां भीतरी दबाव का संकेत दे रही हैं

जलवायु परिवर्तन मंत्री और सूचना मंत्री के बयान अब देश के भीतर

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