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‘चढ़ावा चोरी की SIT नहीं CBI जांच हो’: प्रमोद कृष्णम बोले- धर्म संसद बुलाएंगे, ट्रस्ट के सभी सदस्य छोड़ें पद

चढ़ावा चोरी की SIT नहीं CBI जांच होगी: प्रमोद कृष्णम बोले धर्म संसद बुलाएंगे

राम मंदिर चोरी के मामले में नए मोड़

चढ व च र क SIT नह – राम मंदिर घटना में चढ़ावा चोरी की बात उठाते हुए कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि इस घटना की जांच सीबीआई के हाथ में होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों के द्वारा गठित स्थानीय जांच टीम की कार्यप्रणाली पर संदेह जताते हुए बताया कि राज्य सरकार के तीन अफसरों के ग्रुप के द्वारा जांच करने से मुख्यतः उत्तर प्रदेश के संबंध में जानकारी ही उभरेगी, जबकि इस घटना के राष्ट्रीय महत्व को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय जांच आवश्यक है।

चढ़ावा चोरी के लिए राष्ट्रीय जांच की आवश्यकता

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना के पीछे कौन लोग हैं, इसका पता लगाना आवश्यक है। उन्होंने राजनीतिक दलों के विवाद पर जोर देते हुए बताया कि अखिलेश यादव के बयानों पर विहिप और भाजपा के एतराज के बारे में भी चर्चा हो रही है। चढ़ावा चोरी की घटना ने देश के सौ करोड़ से ज्यादा हिंदुओं की आस्था को चोट पहुंचाई है, जिसके कारण तीर्थ स्थलों पर लोगों का पहुंचना भी कम हो गया है। इसलिए इस मामले में निष्पक्ष और गंभीर जांच करना आवश्यक है।

कृष्णम ने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट ने लोगों की आस्था को अपने प्रति छोड़ दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना के प्रति ट्रस्ट के द्वारा किए गए कदमों की जांच करने के लिए एक धर्म संसद बुलाने की आवश्यकता है। इसमें राष्ट्रीय जांच बोर्ड के सदस्यों के चुनाव के बारे में भी चर्चा होगी, जिससे बड़े धार्मिक विवादों का समाधान हो सकेगा।

अफसरों के ग्रुप की निष्पक्षता के बारे में सवाल

चढ़ावा चोरी की घटना के प्रति राज्य सरकार के तीन अफसरों के ग्रुप की जांच कार्यप्रणाली को विश्लेषण करने के लिए आचार्य कृष्णम ने निर्दोष निष्पक्षता की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के मामले में स्थानीय अधिकारियों के द्वारा किए गए कदमों की जांच करना चाहिए। इसलिए चढ़ावा चोरी की घटना पर लंबे समय से जांच नहीं होने के कारण लोगों के बीच असंतोष बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इस चढ़ावा चोरी की घटना में लाखों रुपये की चोरी हो गई, जिसके कारण लोगों के विश्वास के निर्माण में बाधा डाले जाने के आरोप भी लग रहे हैं। इसलिए इस मामले में निष्पक्षता के लिए राष्ट्रीय जांच बोर्ड के बारे में चर्चा करना आवश्यक है। आचार्य ने यह भी कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के सभी सदस्यों के बीच एक अंतरराष्ट्रीय जांच की आवश्यकता है।

धर्म संसद के लक्ष्य और आशा

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