पुतिन ने की पीएम मोदी की तारीफ: पश्चिमी देशों को चेताया, कहा- रूस पर किया हमला तो करेंगे हर हथियार का इस्तेमाल
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यूक्रेन युद्ध पर पीएम मोदी की पहल की पुतिन ने सराहना
Indianewslive247.com – प त न न क प एम – प त न न क प के संदर्भ में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष समाप्त कराने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों और सुझावों की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार युद्ध खत्म करने की जरूरत उठाते रहे हैं और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान में रुचि रखते हैं।
पुतिन का बयान ऐसे समय आया है, जब रूस और नाटो के बीच तनावपूर्ण बयानबाजी तेज है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस यूरोपीय देशों पर हमला करने की योजना नहीं बना रहा, लेकिन रूसी क्षेत्र पर प्रत्यक्ष हमला होने पर उपलब्ध सभी हथियारों के इस्तेमाल का प्रश्न उठेगा।
मोदी के सुझावों को बताया महत्वपूर्ण
पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत और द्विपक्षीय संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत यूक्रेन में शांति बहाली की जरूरत पर लगातार जोर देता रहा है। उनके अनुसार, भारत का रुख औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि संघर्ष को जल्द समाप्त करने की वास्तविक इच्छा को दिखाता है।
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन विश्व नेताओं में से एक हैं, जो लगातार यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने का सवाल उठाते हैं और इसके बारे में पूछते हैं।”
प त न न क प से जुड़े इस बयान में पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पास उपयोगी विचार हैं, जो दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य रास्ता खोजने में मददगार हो सकते हैं। उन्होंने भारत की तटस्थ स्थिति को शांति स्थापित करने की इच्छा से जुड़ा बताया।
“हम शांतिपूर्ण तरीकों से और जल्द से जल्द इस संघर्ष को समाप्त करने की उनकी इच्छा के लिए आभारी हैं।”
रूस पर हमले की स्थिति में चेतावनी
वाल्दाई क्लब मंच पर पुतिन ने पश्चिमी देशों पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों में रूस के साथ संभावित युद्ध की तैयारी पर चर्चा हो रही है, बाल्टिक सागर क्षेत्र में सैन्य अभ्यास किए जा रहे हैं और रूसी जहाजों को जब्त करने जैसी गतिविधियां सामने आई हैं।
रूसी राष्ट्रपति ने दोहराया कि मॉस्को यूरोप पर आक्रमण की तैयारी नहीं कर रहा है। हालांकि, रूस के किसी हिस्से पर सीधे हमले की स्थिति में देश अपनी रक्षा के लिए उपलब्ध सैन्य साधनों के इस्तेमाल पर निर्णय करेगा।
“यह डराने-धमकाने की बात नहीं है, बल्कि हमें डराने की कोशिश का जवाब है।”
पुतिन ने यह भी कहा कि रूस के पास ऐसे हथियार हैं जो दूसरे देशों के पास नहीं हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रत्यक्ष हमले की स्थिति में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होगा या नहीं।
कालिनिनग्राद को लेकर रूस-नाटो तनाव
कालिनिनग्राद क्षेत्र को लेकर रूस की चिंता बढ़ी हुई है। रूस ने नाटो को चेतावनी दी है कि यदि किसी सदस्य देश ने कालिनिनग्राद को रूस के बाकी हिस्से से अलग करने का प्रयास किया, तो उसकी रक्षा के लिए बेहद कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।
रूसी दूतावासों ने कहा कि मॉस्को को जानकारी मिली है कि नाटो कालिनिनग्राद और आसपास के क्षेत्रों में हवाई तथा नौसैनिक नाकाबंदी की तैयारी कर रहा है। रूस ने इन घटनाक्रमों को खतरनाक बताया और अन्य देशों के खिलाफ हमले, ड्रोन गतिविधियों या तोड़फोड़ के आरोपों को खारिज किया।
कालिनिनग्राद रूस का महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो मुख्य रूसी भूभाग से अलग स्थित है। इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण समुद्री पहुंच, हवाई क्षेत्र और संपर्क मार्ग रूस-नाटो संबंधों में विशेष रूप से संवेदनशील बने रहते हैं।
नाटो ने दावों को किया खारिज
नाटो की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने कहा कि रूस ने अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन को लिखित संदेश भेजा है। नाटो ने बल प्रयोग की धमकियों और गैर-जिम्मेदार परमाणु बयानबाजी की निंदा की।
“हम बल प्रयोग की धमकी, जिसमें गैर-जिम्मेदाराना परमाणु बयानबाजी भी शामिल है, की कड़ी निंदा करते हैं।”
हार्ट के अनुसार, नाटो कालिनिनग्राद को निशाना नहीं बना रहा है। गठबंधन ने खुद को रक्षात्मक संगठन बताया और कहा कि उसकी सैन्य गतिविधियों तथा अभ्यासों का उद्देश्य रूस के किसी क्षेत्र को लक्ष्य बनाना नहीं है।
भारत के साथ आर्थिक और परिवहन सहयोग
प त न न क प विषय पर चर्चा के साथ पुतिन ने भारत के साथ आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारों की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रूस ने चीनी कंटेनर जहाज और दक्षिण कोरियाई जहाज के साथ पायलट परियोजनाएं चलाई हैं तथा भारतीय साझेदारों के साथ बातचीत जारी है।
पुतिन ने उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी प्रगति केवल रूस पर निर्भर नहीं है। इस परियोजना में ईरान को अपने हिस्से का काम पूरा करना है और रूस आवश्यक ऋण संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी जता चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा क्यों की?
पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से जल्द समाप्त करने की प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा, निरंतर संवाद और समाधान-केंद्रित सुझावों की सराहना की।
रूस ने नाटो को क्या चेतावनी दी?
रूस ने कहा कि वह यूरोप पर हमला करने की योजना नहीं रखता, लेकिन रूसी भूभाग या कालिनिनग्राद के खिलाफ प्रत्यक्ष कार्रवाई होने पर वह अपनी रक्षा के लिए उपलब्ध विकल्पों पर विचार करेगा।
कालिनिनग्राद इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
कालिनिनग्राद रूस का मुख्य भूभाग से अलग स्थित क्षेत्र है। इसकी समुद्री और हवाई पहुंच से जुड़े मुद्दे रूस तथा नाटो के बीच रणनीतिक तनाव का अहम कारण हैं।
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