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Lok Sabha: उद्धव गुट को बड़ा झटका, शिंदे गुट में बागी सांसदों के विलय को मंजूरी; टीएमसी के MPs बैठेंगे अलग

लोकसभा में बागी सांसदों के नए विभाजन, टीएमसी और शिवसेना के बदले राजनीतिक फॉर्मैशन में बदलाव

Lok Sabha – लोकसभा में राजनीतिक दलों के बागी सांसदों के संगठन के संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। इसमें महाराष्ट्र की शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बागी सांसदों के संगठन के विलय को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत उद्धव गुट के छह सांसद, जो शिवसेना यूबीटी से रहे थे, अब एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए हैं।

इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को लोकसभा सचिवालय ने अलग बैठने की व्यवस्था के लिए अनुमति दी है। इसके साथ ही द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) ने लोकसभा में एक अलग सीट के लिए मांग की है। इसका कारण तमिलनाडु चुनाव के बाद बदले राजनीतिक समीकरण हैं, जिसमें कांग्रेस ने तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के साथ गठबंधन कर लिया है। इसके बाद डीएमके और कांग्रेस के बीच दूरी बढ़ गई है।

लोकसभा में दलों की स्थिति

वर्तमान में लोकसभा में कुल 542 सदस्य हैं (एंग्लो-इंडियन नामित सीट को छोड़कर)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 239 सांसद हैं, जबकि कांग्रेस के 98, समाजवादी पार्टी के 37 और तृणमूल कांग्रेस के 28 सदस्य हैं। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के 16, शिवसेना (शिंदे) के 13 और जनता दल (यूनाइटेड) के 12 सांसद हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के आठ, लोक जनशक्ति पार्टी के पांच और माकपा, राष्ट्रीय जनता दल, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रत्येक चार सदस्य हैं। आम आदमी पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, झारखंड मुक्ति मोर्चा और शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के प्रत्येक तीन सदस्य हैं। अंत में, सीपीआई, सीपीआई (एमएल), नेशनल कॉन्फ्रेंस, जेडी (सेक्युलर), जनसेना और वीसीके के दो-दो सदस्य हैं, जबकि 16 अन्य दलों में प्रत्येक एक सदस्य है। सदन में सात निर्दलीय सांसद भी शामिल हैं।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने टीएमसी के बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्हें लोकसभा और राज्यसभा के राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। बैठक रविवार, 19 जुलाई 2026 को सुबह 11:00 बजे मुख्य समिति कक्ष, संसद भवन एनेक्सी, नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। रिजिजू ने कहा, “मैं आपकी भागीदारी की प्रतीक्षा करूंगा और आपसे तथा आपकी पार्टी के नामित चीफ व्हिप डॉक्टर काकोली घोष के लिए अनुरोध करूंगा कि कृपया बैठक में शामिल होने का कष्ट करें।”

उल्लेखनीय बात यह है कि वर्तमान में सदन में तीन सीटें रिक्त हैं। सूची के अनुसार 20 बागी सांसदों को उनके अनुरोध पर अलग बैठने की व्यवस्था कर दी गई है। इसके तहत नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हुए टीएमसी के बागी सांसद भी संसद में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।

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