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Explainer: क्या है कावेरी जल विवाद, जिसके लिए बड़ी तैयारी में कर्नाटक सीएम शिवकुमार; तमिलनाडु से टकराव क्यों?

Foto : Jessica Wilson - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. कावेरी जल विवाद: कर्नाटक सीएम ने बुलाई बैठक
  2. Related Reading
  3. Frequently Asked Questions

कावेरी जल विवाद: कर्नाटक सीएम ने बुलाई बैठक

Indianewslive247.com – कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए राज्य में सर्वदलीय बैठक आयोजित की है। यह Explainer आर्टिकल आपको बताता है कि इस विवाद की वर्तमान स्थिति क्या है और आगे क्या होने वाला है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगे की रणनीति बनाना और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के निर्णय के खिलाफ अपील करने की तैयारी करना है।

तमिलनाडु की कानूनी तैयारियां तेज

Explainer के अनुसार, हाल ही में तमिलनाडु सरकार ने कावेरी नदी से होने वाले पानी के साझाकरण को लेकर अपनी असंतुष्टि जाहिर की है। राज्य के कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि कर्नाटक द्वारा पानी छोड़ने में कमी के कारण तमिलनाडु कानूनी रास्ता अपनाएगा।

तमिलनाडु को कानून के अनुसार जितना पानी मिलना चाहिए, वह हर हाल में मिलना चाहिए। Explainer बताता है कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है, इसलिए सरकार सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी।

तमिलनाडु सरकार का आरोप है कि जब भी CWMA कर्नाटक को तय मात्रा में पानी छोड़ने का आदेश देता है, तब भी उसका पालन नहीं होता। Explainer के विश्लेषण से पता चलता है कि इससे राज्य के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय इस मामले की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और कानूनी विशेषज्ञों के साथ बैठकें कर रहे हैं।

कर्नाटक में बढ़ा विरोध

Explainer बताता है कि कावेरी जल विवाद और तमिलनाडु के कदमों के चलते कर्नाटक में जनता का गुस्सा भड़क उठा है। CWMA के आदेश के अनुसार कर्नाटक से 15 दिनों तक रोजाना 3500 क्यूसेक पानी छोड़ने की बात कही गई है, जिसका किसान संगठनों और कन्नड़ समूहों ने विरोध किया है।

इस विवाद का असर कर्नाटक की फिल्म उद्योग पर भी पड़ा है। Explainer के अनुसार मुख्यमंत्री विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ की स्क्रीनिंग कई जगहों पर रोकी गई। एहतियात के तौर पर कई थिएटरों ने शो कैंसिल कर दिए हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

कावेरी नदी का भूगोल और इतिहास

Explainer के अनुसार कावेरी एक अंतरराज्यीय बेसिन है जिसका उद्गम कर्नाटक में होता है और यह बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले तमिलनाडु और पुडुचेरी से होकर गुजरती है। इस नदी का कुल जलसंभरण क्षेत्र 81,155 वर्ग किलोमीटर है।

इसमें कर्नाटक का हिस्सा सबसे बड़ा यानी लगभग 34,273 वर्ग किलोमीटर है। Explainer बताता है कि केरल में यह क्षेत्र 2,866 वर्ग किलोमीटर है जबकि तमिलनाडु और पांडिचेरी में शेष 44,016 वर्ग किलोमीटर का जल संभरण क्षेत्र है।

कावेरी नदी की सहायक नदियों पर कई बांध बने हुए हैं। Explainer के विश्लेषण से पता चलता है कि कर्नाटक में हरंगी और हेमावती नदियों पर बांध बनाए गए हैं, जो कावेरी की ही सहायक नदियां हैं। इनके निम्न धारा में कृष्णा राजा सागर बांध स्थित है। कबिनी नदी पर बना कबिनी जलाशय भी कृष्णा सागर जलाशय से जुड़ा हुआ है।

जब कावेरी तमिलनाडु की ओर आती है तो मेटुर बांध बनाया गया है। Explainer बताता है कि केन्द्रीय जल आयोग ने मुख्य कावेरी नदी पर कोलेगल और बिलिगुंडलू नामक दो जीएंडडी स्थलों की स्थापना की है। बिलिगुंडुलू जीएंडडी स्थल मेटुर बांध के तहत लगभग 60 किलोमीटर का क्षेत्र है जहां कावेरी नदी कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच सीमा बनाती है।

तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कावेरी जल विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। Explainer के अनुसार साल 1892 और 1924 में मद्रास प्रेसीडेंसी और मैसूर साम्राज्य के बीच हुए दो समझौतों के तहत दोनों राज्यों में पानी के बंटवारे पर सहमति बनी थी। असहमति को दूर करने के लिए भारत सरकार ने दो जून 1990 को कावेरी जल विवाद अधिकरण की स्थापना की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Explainer: कावेरी जल विवाद क्या है? कावेरी जल विवाद कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के बीच कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद है।

Explainer: CWMA क्या है? CWMA का मतलब कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण है, जो कावेरी नदी के पानी के बंटवारे की निगरानी करता है।

Explainer: कर्नाटक को कितना पानी छोड़ना है? CWMA के आदेश के अनुसार कर्नाटक से 15 दिनों तक रोजाना 3500 क्यूसेक पानी छोड़ने की बात कही गई है।

Explainer: तमिलनाडु ने क्या कदम उठाया है? तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी की है क्योंकि CWMA के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है।

Frequently Asked Questions

What is Explainer?

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