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समंदर में बढ़ेगी नौसेना की ताकत: युद्धपोतों के लिए खरीदे जाएंगे ब्रह्मोस लॉन्चर सिस्टम, 661 करोड़ रुपये की डील

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Foto : Charles Gonzalez - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. नौसेना के युद्धपोतों के लिए ब्रह्मोस लॉन्चर की 661 करोड़ रुपये की डील
  2. युद्धपोतों की मारक क्षमता में क्या बदलाव आएगा?
  3. ब्रह्मोस के निर्यात को भी मिल रही गति
  4. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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  6. Frequently Asked Questions

नौसेना के युद्धपोतों के लिए ब्रह्मोस लॉन्चर की 661 करोड़ रुपये की डील

Indianewslive247.com – सम दर म बढ ग न स – सम दर म बढ ग न के तहत रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के लिए ब्रह्मोस अग्नि नियंत्रण प्रणाली और लॉन्चर खरीदने का फैसला किया है। मंत्रालय ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ 661.50 करोड़ रुपये का करार किया है। समझौते पर नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।

यह खरीद स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित श्रेणी के अंतर्गत की जाएगी। इसका उद्देश्य नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों की समुद्री हमला क्षमता को और मजबूत बनाना है।

68 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, परियोजना में कम से कम 68 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल होगा। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों सहित भारतीय रक्षा उद्योगों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

मंत्रालय ने कहा कि इस परियोजना से अगले तीन वर्षों में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सम दर म बढ ग न की दिशा में यह करार समुद्री सुरक्षा, रक्षा उत्पादन और उन्नत सैन्य तकनीक में आत्मनिर्भरता को मजबूती देगा।

युद्धपोतों की मारक क्षमता में क्या बदलाव आएगा?

ब्रह्मोस भारतीय नौसेना की प्रमुख सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों में शामिल है। इसे युद्धपोतों पर तैनात कर समुद्र और जमीन पर स्थित लक्ष्यों को लंबी दूरी से निशाना बनाया जा सकता है।

यह मिसाइल सुपरसोनिक गति और सटीक प्रहार क्षमता के लिए जानी जाती है। अग्नि नियंत्रण प्रणाली और लॉन्चर मिलने से युद्धपोतों पर इसके संचालन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह परियोजना भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

ब्रह्मोस के निर्यात को भी मिल रही गति

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने पहले कहा था कि ब्रह्मोस भारत की बढ़ती रक्षा निर्यात क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उनके अनुसार, ब्रह्मोस का निर्यात 600 मिलियन अमेरिकी डॉलर का आंकड़ा पार करने की दिशा में बढ़ रहा है।

फिलीपींस को करीब 330 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य की ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली दी जा चुकी है। वियतनाम और इंडोनेशिया के साथ भी इस उन्नत रणनीतिक प्रणाली की बिक्री को लेकर करार या समझौते बताए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यह 661.50 करोड़ रुपये का करार किसके साथ हुआ है?

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए ब्रह्मोस अग्नि नियंत्रण प्रणाली और लॉन्चर खरीदने हेतु ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ यह करार किया है।

परियोजना में स्वदेशी सामग्री कितनी होगी?

परियोजना में कम से कम 68 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री के उपयोग का प्रावधान है, जिससे भारतीय उद्योगों और एमएसएमई की भागीदारी बढ़ेगी।

सम दर म बढ ग न से नौसेना को क्या लाभ होगा?

इससे युद्धपोतों की ब्रह्मोस मिसाइल संचालन क्षमता बेहतर होगी और समुद्री क्षेत्र में लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की नौसेना की क्षमता को मजबूती मिलेगी।

Frequently Asked Questions

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