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‘बिहार का मखाना पहुंच रहा ग्रीस’: मन की बात कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी, त्योहारी मौसम के लिए की क्या अपील?

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Foto : Elizabeth Smith - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. मन की बात में पीएम मोदी ने बिहार के मखाने की वैश्विक पहुंच का किया जिक्र
  2. मन की बात की 139वीं कड़ी का संदेश
  3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  4. Related Reading
  5. Frequently Asked Questions

मन की बात में पीएम मोदी ने बिहार के मखाने की वैश्विक पहुंच का किया जिक्र

Indianewslive247.com – ब ह र क मख न पह – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्तूबर 2026 को प्रसारित ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी में बिहार के मखाने के ग्रीस तक पहुंचने का उल्लेख किया। उन्होंने कार्यक्रम की 12 वर्षों की यात्रा, श्रोताओं की भागीदारी और त्योहारी मौसम में नागरिकों की भूमिका जैसे विषयों पर भी बात की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ की शुरुआत 12 वर्ष पहले हुई थी और इसकी यात्रा लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने श्रोताओं को इस संवाद का सहयात्री और मार्गदर्शक बताया।

“आज से 12 वर्ष पहले इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। हमारी यह यात्रा निरंतर जारी है। इस यात्रा के सहयात्री और मार्गदर्शक आप ही हैं।”

बिहार का मखाना ग्रीस तक पहुंचा

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बिहार का मखाना ग्रीस तक पहुंचने की बात कही। यह उदाहरण स्थानीय कृषि उत्पादों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को रेखांकित करता है। मखाना बिहार की प्रमुख कृषि उपजों में शामिल है और देश के कई हिस्सों में खाद्य पदार्थ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

बिहार के मखाने का विदेशी बाजारों तक पहुंचना स्थानीय उत्पादकों और क्षेत्रीय पहचान के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है। ऐसे उत्पादों को व्यापक बाजार मिलने से पारंपरिक खेती तथा उससे जुड़े लोगों के लिए नई संभावनाएं बनती हैं।

त्योहारी मौसम में भागीदारी की अपील

प्रधानमंत्री ने त्योहारी मौसम के संदर्भ में भी लोगों से अपील की। त्योहारों के दौरान बाजारों में गतिविधियां बढ़ती हैं और छोटे कारोबारियों, कारीगरों तथा स्थानीय उत्पाद तैयार करने वालों के लिए यह समय खास होता है।

उन्होंने नागरिकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ‘मन की बात’ केवल विचारों का मंच नहीं है। कार्यक्रम के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों, उनकी पहल और समाज के लिए किए जा रहे कार्यों को व्यापक पहचान मिलती है।

मन की बात की 139वीं कड़ी का संदेश

139वीं कड़ी में प्रधानमंत्री के संबोधन का मुख्य संदेश जनभागीदारी, स्थानीय पहचान और निरंतर संवाद से जुड़ा रहा। 12 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कार्यक्रम को श्रोताओं के योगदान से आगे बढ़ने वाला मंच बताया।

बिहार का मखाना ग्रीस पहुंचने का उदाहरण स्थानीय उत्पादों की क्षमता की ओर ध्यान दिलाता है। वहीं, त्योहारी मौसम में की गई अपील ने लोगों की पसंद और सहभागिता के महत्व को सामने रखा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मन की बात की 139वीं कड़ी कब प्रसारित हुई?

‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी 25 अक्तूबर 2026 को प्रसारित हुई।

पीएम मोदी ने बिहार के मखाने के बारे में क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बिहार के मखाने के ग्रीस तक पहुंचने का उल्लेख किया।

कार्यक्रम में त्योहारी मौसम को लेकर क्या बात कही गई?

प्रधानमंत्री ने त्योहारी मौसम के दौरान नागरिकों की भागीदारी और स्थानीय बाजारों से जुड़े लोगों की भूमिका पर बात की।

Frequently Asked Questions

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