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जामिया में हंगामा: गेट बंद करने के आदेश पर छात्रों का फूटा गुस्सा, बोले- हिंसक तरीके से दबाया जा रहा आंदोलन

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Foto : Charles Gonzalez - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. जामिया में हंगामा: गेट बंद करने के आदेश पर छात्रों का विरोध
  2. Related Reading
  3. Frequently Asked Questions

जामिया में हंगामा: गेट बंद करने के आदेश पर छात्रों का विरोध

Indianewslive247.com – ज म य म ह ग म के बीच जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी गेट बंद करने के निर्देश का विरोध करते हुए कहा कि इससे आंदोलन के साथ-साथ नियमित पढ़ाई और पुस्तकालय पहुंच भी प्रभावित हो सकती है।

प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, वे करीब 14-15 दिनों से धरना दे रहे हैं और कुछ विद्यार्थी भूख हड़ताल पर भी हैं। उनका आरोप है कि प्रदर्शन स्थल हटाने तथा छात्रों को वहां से बाहर करने की कोशिश की जा रही है। छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठा रहे हैं।

छात्रों की तीन प्रमुख मांगें

ज म य म ह ग म के दौरान प्रदर्शनकारियों ने छात्र संघ की बहाली को अपनी मुख्य मांग बताया। इसके अलावा वे प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने और प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि इन मुद्दों पर ठोस समाधान के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।

“हम पिछले 14-15 दिनों से यहां प्रदर्शन कर रहे हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं और छात्र संघ नहीं मिलता, हम यहां से नहीं जाएंगे।”

छात्रों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था के जरिए उन पर प्रदर्शन समाप्त करने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि भूख हड़ताल और धरने जैसे शांतिपूर्ण तरीकों को बलपूर्वक खत्म करने का प्रयास उचित नहीं है।

गेट बंद होने से पढ़ाई की चिंता

गेट बंद करने के आदेश को लेकर छात्रों ने पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि कई विद्यार्थी परिसर के आसपास किराये के कमरों में रहते हैं और देर रात तक पुस्तकालय या रीडिंग हॉल में अध्ययन करते हैं। ऐसे में प्रवेश और निकास सीमित होने पर उनकी दिनचर्या बाधित हो सकती है।

छात्रों ने इब्न सीना लाइब्रेरी का भी उल्लेख किया, जो रात 2 बजे तक खुली रहती है। उनके मुताबिक, साझा कमरों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए यह पुस्तकालय पढ़ाई का महत्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि रहने की जगह पर एकाग्र होकर अध्ययन करना हमेशा संभव नहीं होता।

“अगर गेट बंद कर दिए गए तो देर रात तक लाइब्रेरी में पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा।”

ऑनलाइन कक्षाओं पर भी सवाल

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कक्षाएं ऑनलाइन किए जाने से भी छात्रों की परेशानियां बढ़ी हैं। उनका आरोप है कि इससे विद्यार्थियों को परिसर और उसकी शैक्षणिक सुविधाओं से दूर रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, छात्रों ने मांग की कि सुरक्षा व्यवस्था और पढ़ाई की जरूरतों के बीच व्यावहारिक संतुलन बनाया जाए।

ज म य म ह ग म में छात्रों ने दोहराया कि छात्र प्रतिनिधित्व, प्रतिबंधों और प्रॉक्टर पद से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जरूरी है। फिलहाल, विरोध के साथ पुस्तकालय पहुंच, ऑनलाइन कक्षाओं और परिसर में आने-जाने की व्यवस्था को लेकर असंतोष बना हुआ है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

छात्रों की मुख्य मांग क्या है? प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग जामिया में छात्र संघ की बहाली है। वे प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने और प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।

गेट बंद होने पर छात्र क्यों चिंतित हैं? छात्रों का कहना है कि देर रात तक पुस्तकालय और रीडिंग हॉल का उपयोग करने वाले विद्यार्थियों के आवागमन तथा पढ़ाई पर इसका असर पड़ सकता है।

इब्न सीना लाइब्रेरी का मुद्दा क्यों उठाया गया? छात्रों के अनुसार, पुस्तकालय देर रात तक खुली रहती है और साझा किराये के कमरों में रहने वाले कई विद्यार्थी वहां नियमित अध्ययन करते हैं।

Frequently Asked Questions

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