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UPSC Paper Leak Allegation: क्या लीक हुआ था यूपीएससी का पेपर? NSUI के दावे पर कोचिंग संस्थान ने दी सफाई

UPSC Paper Leak Allegation: क्या लीक हुआ था यूपीएससी का पेपर? NSUI के दावों पर कोचिंग संस्थान ने सफाई दी

UPSC Paper Leak Allegation – भारतीय विज्ञान और अनुसंधान संस्थान (NSUI) के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सोमवार को एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करके यूपीएससी के प्रीलिम्स पेपर लीक होने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि मई 2026 के यूपीएससी परीक्षा में उपस्थित सामग्री के लीक होने के बारे में अपने पास सबूत हैं। जाखड़ ने बताया कि अनंतम आईएएस ने पिछले साल महीने के भीतर प्रकाशित आर्टिकल्स में से 82 प्रश्न परीक्षा में सटीक रूप से प्रकट हुए।

लेकिन इस घटना के बारे में तहलुका व्यक्त करते हुए, पीआईबी ने यूपीएससी के पेपर लीक आरोप को फर्जी ठहराया। इसके अनुसार, प्रतिष्ठित परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया बेहद सुरक्षित और गोपनीय होती है। इन पेपरों का निर्माण देशभर से चुने गए विषय विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है और गोपनीयता बनाए रखने के लिए अनेक स्तरों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है।

अनंतम आईएएस के दावे पर तकनीकी सफाई

इस विवाद के केंद्र में रहे कोचिंग संस्थान अनंतम आईएएस ने अपनी वेबसाइट पर एक विस्तृत बयान जारी करके स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि 24 मई को परीक्षा समाप्त होने के बाद उनके शिक्षक ने प्रश्नों के विस्तृत उत्तर तैयार किए। वेबसाइट पर एक साथ दर्जनों आर्टिकल डालने पर छात्रों को नोटिफिकेशन के स्पैम आते हैं और वे अक्रम से दिखते नहीं। इसलिए संस्थान ने आर्टिकल्स की प्रकाशन तारीख को मैन्युअली पीछे कर दिया था।

उन्होंने बताया कि वर्डप्रेस वेबसाइट पर दो प्रकार की तारीखें होती हैं: एक प्रकाशन तिथि और दूसरी अपडेट तिथि। संस्थान ने स्पष्ट किया कि स्क्रीनशॉट में सिर्फ प्रकाशन तिथि दिख रही थी, जबकि उनके सिस्टम के बैकएंड डाटा में साफ दर्ज है कि ये सभी जवाब 24 मई के बाद ही लिखे गए। अब वेबसाइट पर ‘अंतिम अपडेटेड’ तारीख भी अनिवार्य कर दी गई है।

उन्होंने अपने दावे के जवाब में कहा कि परीक्षा में उनके अध्ययन सिलेबस से प्रश्न आना उनकी कड़ी मेहनत और गहन विश्लेषण का नतीजा है, न कि कोई पेपर लीक होने का सबूत।

“आखिर अनंतम आईएएस को अपना कंटेंट अपडेट करने की क्या आवश्यकता पड़ी? क्या यूपीएससी के लोगों का साठ-गांठ पेपर लीक माफिया से है?” — NSUI (@nsui) June 15, 2026

प्रीलिम्स के रिजल्ट के साथ अंतिम रूप से घोषित किया गया था

भारतीय वन सेवा की प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को आयोजित की गई थी। यूपीएससी ने 15 जून को प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम जारी किए। इसमें भारतीय सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के लिए 13,343 और वन सेवा मुख्य परीक्षा के लिए 1,046 अभ्यर्थियों को योग्य घोषित किया गया।

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