QS Ranking 2027: आईआईटी दिल्ली अग्रणी, भारतीय संस्थानों की संख्या बढ़कर 52
QS Ranking 2027 में आईआईटी दिल्ली ने भारतीय विश्वविद्यालयों में शीर्ष स्थान पर अपनी विश्वस्तरीय प्रतिष्ठा साबित कर दी है। भारत के विश्वविद्यालयों की कुल संख्या बढ़कर 52 हो गई है, जिसमें से 26 संस्थानों ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया, जबकि 15 संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, दो नए संस्थान ने QS Ranking में अपना आविष्कार किया।
नीतियों के प्रभाव और विकास के नए विमुद्रित संकेत
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रैंकिंग के परिणामों के स्वागत में कहा कि इन परिणाम एनईपी 2020 के विश्वविद्यालय विकास नीतियों के दुर्दंत फल दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, “QS Ranking में भारत का बढ़ता हुआ प्रदर्शन दर्शाता है कि नए वैश्विक मानकों के अनुसार विश्वविद्यालयों की प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।”
“QS Ranking में भारत का बढ़ता हुआ प्रदर्शन एनईपी 2020 के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाता है।”
विश्वविद्यालयों की रैंकिंग और आईआईटी दिल्ली की स्थिति
आईआईटी दिल्ली के साथ, 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विश्वविद्यालय QS Ranking में शामिल हैं। इस वर्ष, आईआईटी बॉम्बे को 134वां, आईआईटी मद्रास को 170वां, आईआईटी खरगूपर को 205वां और आईआईटी कांचुपुर को 221वां स्थान मिला। इसके अलावा, दिल्ली विश्वविद्यालय 322वें स्थान पर पहुंच गई, जबकि जामिया मिलिया इस्लामिया 686वें स्थान पर है।
भारतीय विश्वविद्यालयों की विस्तारित उन्नति
भारत की QS Ranking में सफलता अब आईआईटी के अलावा अन्य विश्वविद्यालयों के आकर्षण के द्वारा भी देखने को मिली है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 18 भारतीय संस्थानों ने अपनी अब तक की सबसे अच्छी रैंकिंग हासिल की है। इनमें से अधिकांश गैर-आईआईटी संस्थान हैं, जो भारत के विश्वविद्यालय विकास में एक महत्वपूर्ण चरम परिणाम दर्शा रहे हैं।
रैंकिंग के दौरान चुनौतियां और विकास के लक्ष्य
हालांकि, भारतीय विश्वविद्यालयों के रैंकिंग में बढ़त देखी गई, लेकिन अंतरराष्ट्रीय छात्रों और शिक्षकों को आकर्षित करने के लिए अभी आगे बढ़ना आवश्यक है। QS Ranking में रोजगा�
