सागर: बीटेक छात्र की आत्महत्या ब्लैकमेल के चलते, पाकिस्तानी नंबर से आ रही धमकियां बर्बाद कर दी थी
Sagar – सागर में एक बी-टेक छात्र की आत्महत्या के मामले में बैंक अकाउंट से 40 हजार रुपये ठगे जाने के बाद शोक के बर्बाद हो गए। अमन प्रजापति नामक छात्र डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीसरे वर्ष के छात्र थे, जिन्होंने पाकिस्तानी नंबरों से आए बैंक लोन ऐप के संदेशों के कारण तंग आकर सागर के बीना क्षेत्र में एक लॉज में फांसी लगाई।
ब्लैकमेल की जड़ खोले बिना नहीं रह सकते थे
अमन के मोबाइल में पाकिस्तानी नंबरों से आए धमकी नंबर अनुमानित करते थे, जो उनकी छात्रावास में घर में भाई की शादी के दौरान लगातार आ रहे थे। उस वक्त छात्र ने ऑनलाइन फाइनेंस कंपनियों के बारे में जागरूकता बढ़ाई और अपने दोस्तों से रुपये उधार लेकर अपने गलत फैसले का बदला लेने की कोशिश कर रहे थे।
सागर के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अमन के बड़े भाई प्रियातेश की 7 जुलाई को शादी होने वाली थी। जब वह घर जाने के लिए तैयारी कर रहे थे, तब उनकी गर्दन पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। धमकियां के कारण उनके न्यूड फोटो और वीडियो वायरल होने का खतरा रहा।
दो जुलाई की सुबह अमन सागर के तिली क्षेत्र में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास छोड़कर बस स्टैंड के पास ऑटो से उतरे थे। उनका मोबाइल अचानक बंद हो गया और भाई जब हॉस्टल पहुंचे तो वहां उनका पुराना फोन लगाकर लॉज में जाने के लिए तैयारी कर रहे थे।
जांच में साइबर गतिविधियों के खुलासा
लॉज के संचालक ने शनिवार को पुलिस को सूचना दी कि कोई युवक फंदे पर लटके हुए मिला। अमन ने प्रयागराज जाने की बात कहकर कमरा लिया था, जिसके बाद गोपालगंज थाने में उनकी गुमशुदगी के मामले दर्ज कराए गए। पुलिस अब उनके बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है।
मौके से आधार कार्ड बरामदा होने के बाद छात्र की पहचान की गई। सागर के नागरिकों में चिंता की लहर छाई गई, जिसमें बैंक लोन ऐप के नकली नंबर के कारण तनाव का खतरा बना हुआ था। पुलिस ने घटना के बारे में जांच के दौरान बैंक के लॉज में आए ट्रांसफर के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
सागर के घटना लॉज में फंदे पर लटके छात्र की आत्महत्या के बारे में पता चला कि उसके गैर-मान्यता प्राप्त नंबर के बारे में खौफ बर्बाद हो गई थी। इस मामले में दोस्तों के बीच आत्महत्या के पीछे रहस्य को अब तक खोला गया नहीं है। लेकिन सागर के लोगों के मत में यह घटना अब तक जागरूकता के बारे में ज्ञान के साथ चर्चा के मुख्य विषय बन गई।
