बिहार में भरत तिवारी मामले के बाद जाति विवाद और मोटर लैंसिंग कांड
Bihar – बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में मोतिहारी थाना क्षेत्र के गांव सिसवा मंगल में हुई एक घटना ने जाति विवाद के कारण बड़ा चलन देखाया। खेत से मिट्टी कटवाई जाने के विवाद में एक किसान रामबिहारी पांडेय की जान चली गई। मृतक के परिवार के आवेदन के अनुसार, उसे 10 नामजद और 5-7 अज्ञात लोगों द्वारा हथियारों से पीटकर बाइक में बांध दिया गया। इस घटना के बाद बिहार के गांव में आक्रोश के बारे में बताया गया है।
जाति विवाद के चलते हुई निर्दोष किसान की मौत
मोतिहारी थाना क्षेत्र में हुई घटना के बारे में बिहार के पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है। आवेदन के अनुसार, रामबिहारी पांडेय अपने खेत में काम कर रहे थे जब उसके विरुद्ध 10 नामजद और कुछ अज्ञात लोग हमला कर दिया। उनके हाथ रस्सी से बांधकर गांव में ले जाकर सार्वजनिक रूप से फेंक दिया गया। बिहार के ग्रामीण क्षेत्र में जाति विवाद के कारण इस प्रकार की घटनाएं आम बात हो गई हैं।
घटना से दो दिन पहले आरोपियों ने रामबिहारी के खेत में लगभग 50 ट्रैक्टर मिट्टी कटवाकर बेच दी थी। इस विवाद के बाद बिहार के लोगों ने एक निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ जाति के आधार पर हमला कर दिया। परिवार के अनुसार, घायल किसान के दरवाजे पर पानी मांगने के दौरान लोगों ने उसे पेशाब पिलाया और उसकी जान ले ली।
मृतक के पुत्र धीरज कुमार पांडेय ने दावा किया है कि उनके पिता 25 जून की सुबह खेत में काम कर रहे थे। इस दौरान आरोपियों ने हथियारों से लैस होकर उनके विरुद्ध हमला कर दिया और जान से मारने की नीयत से उनके हाथ रस्सी से बांधकर गांव में ले जाकर फेंक दिया गया।
बिहार में इस घटना के बाद जाति विवाद की चर्चा तेज हो गई। पुलिस ने घटना के बारे में जांच शुरू कर दी है। मामले में अभियुक्त के खिलाफ गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। बिहार के ग्रामीण क्षेत्र में हमलावर लोगों ने बिना किसी विवाद के एक किसान की जान ले ली।
मोतिहारी में घटना के बाद लोगों की आक्रोश
बिहार के गांव में आक्रोश फैल गया है। लोगों का आरोप है कि भरत तिवारी के इनकाउंटर मामले के चलते एक जाति के लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद बिहार के लोगों ने उसे लाठी, कुदाल और लोहे की रॉड से पीटकर निर्दोष किसान की जान ले ली।
बिहार के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घायल किसान के परिवार ने उसे इलाज के लिए मोतिहारी ले जाने के दौरान उसकी जान चली गई। इस घटना की संपूर्ण वास्तविकता पुलिस की जांच के बाद स्पष्ट होगी। बिहार के ग्रामीण क्षेत्र में जाति विवाद के कारण इस प्रकार की घटनाएं आम बात हो गई हैं।
