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MP News: पन्ना में नवजात शिशु इकाई में 22 बच्चों की मृत्यु पर सवाल उठे
सीएमएचओ ने की निरीक्षण यात्रा
MP News की रिपोर्ट के अनुसार, पन्ना जिला अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में पिछले चौबीस दिनों में 22 छोटे बच्चों की जान चली गई है। यह आंकड़ा सामने आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजेश प्रसाद तिवारी स्वयं इस मामले की जांच के लिए जिला अस्पताल पहुंचे।
सीएमएचओ ने एसएनसीयू वार्ड का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ से उपचार की व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की स्थिति और कर्मचारियों के बारे में जानकारी ली। सभी मामलों की समीक्षा करने के बाद उन्होंने आवश्यक निर्देश भी जारी किए।
अधिकारी की ओर से दी गई व्याख्या
एसएनसीयू में भर्ती होने वाले अधिकांश बच्चे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के साथ रेफर होकर आते हैं। सभी मामलों की जांच की जा रही है और प्रत्येक मौत के कारणों की विस्तृत समीक्षा के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जन्म से लेकर एक वर्ष की आयु तक के 22 मासूम बच्चों की मृत्यु हुई है। यह संख्या सामने आने के बाद से अस्पताल की व्यवस्थाओं, इलाज की गुणवत्ता और जिम्मेदारी को लेकर कई प्रश्न उठे हैं। MP News की रिपोर्ट में बताया गया है कि लगातार हो रही इन मौतों ने परिजनों की चिंता को भी बढ़ा दिया है।
परिजनों की मांग और जांच की प्रक्रिया
परिजनों का मानना है कि अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि एक महीने में 22 बच्चों की मृत्यु के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं।
क्या सभी मौतें केवल गंभीर चिकित्सकीय स्थितियों के कारण हुईं या फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं में भी कहीं कोई कमी रही? MP News की रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रश्नों के उत्तर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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