Delhi पुलिस की नई सुरक्षा रणनीति: जंतर-मंतर 2026 के लिए बदला
Indianewslive247.com – Delhi – दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के मार्गों की सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को Delhi पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार से हालात का जायजा लिया था। इसके बाद शुक्रवार को Delhi पुलिस मुख्यालय की ओर से यह नई रणनीति जारी की गई। अब प्रदर्शन स्थल व आसपास के मार्गों की सुरक्षा का जिम्मा 17 से 18 डीसीपी संभालेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
एक विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी मौके पर रहेंगे। हर मार्ग की सुरक्षा एक जिला डीसीपी के नेतृत्व में उस जिले की पुलिस संभालेगी। अशोक रोड की सुरक्षा दक्षिण जिला पुलिस को, संसद मार्ग की दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस को और जंतर-मंतर रोड की नई दिल्ली जिला पुलिस को सौंपी गई है। सुरक्षा की पूरी कमान हर रोज एक विशेष आयुक्त के हाथ में होगी।
Delhi पुलिस की फोरेंसिक टीमों ने जांच शुरू कर दी है। टीमें मारपीट, पत्थरबाजी और बैरिकेड तोड़ने जैसी घटनाओं वाले स्थानों से सबूत जुटा रही हैं। Delhi ट्रैफिक पुलिस ने ऐप-बेस्ड कैब, फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनियों को धारा-163 लागू क्षेत्रों में सेवाएं सीमित करने की सलाह दी है। नागरिकों से भी प्रतिबंधित इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की गई है।
प्रदर्शन के दौरान एम्स में भर्ती कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत के लिए डीसीपी विनीत कुमार फरिशता साबित हुए। यदि वह भीड़ के बीच घुसकर एसीपी भगत को बाहर नहीं निकालते, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
Delhi पुलिस की आईएफएसओ यूनिट के डीसीपी विनीत कुमार ने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे उनकी ड्यूटी संसद मार्ग-टॉलस्टॉय मार्ग पर थी। इसी दौरान राजौरी गार्डन के एसीपी शरद चंद निर्मल ने सूचना दी कि प्रदर्शनकारियों ने एसीपी विवेक भगत को घेर लिया है और उन पर लात-घूंसों, डंडों व पत्थरों से हमला कर रहे हैं।
Delhi में पैलेट गन जांच और एसटीएफ व्यवस्था
Delhi में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच अब आरएएफ करेगी। आरएएफ ने Delhi में 20 जुलाई को हुए सीजेपी विरोध प्रदर्शन के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच शुरू की है। सूत्रों के मुताबिक जांच के बाद औपचारिक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी पर विचार होगा।
ब्यूरो एसटीएफ की कमान और निगरानी व्यवस्था विशेष टास्क फोर्स का नेतृत्व पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रैंक का अधिकारी करेगा। एसटीएफ क्राइम ब्रांच के अधीन कार्य करेगी, जबकि अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त इसकी समग्र निगरानी और प्रशासनिक नियंत्रण संभालेंगे। जांच की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। इसी बीच Delhi हाई कोर्ट ने भी पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित की है।

