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बारिश से 56 मौतों के बीच यूपी में अनोखा मामला: ‘इंद्रदेव’ के खिलाफ की शिकायत, लिखा- बिना सूचना क्यों बरस रहे?

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Foto : David Taylor - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. बारिश से 56 मौतें: हरदोई में ‘इंद्रदेव’ के खिलाफ दर्ज हुई अनोखी शिकायत
  2. तीन दिनों के खराब मौसम में हरदोई में सात की मौत
  3. बारिश से 56 मौतें: आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
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  5. Frequently Asked Questions

बारिश से 56 मौतें: हरदोई में ‘इंद्रदेव’ के खिलाफ दर्ज हुई अनोखी शिकायत

Indianewslive247.com – उत्तर प्रदेश में बारिश से 56 मौतें होने के बीच हरदोई से एक अनोखा मामला सामने आया है। मल्लावां ब्लॉक के नेवादा पारस गांव निवासी सूरज तिवारी ने जनसुनवाई पोर्टल आईजीआरएस पर ‘इंद्रदेव’ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बिना सूचना लगातार बारिश होने और उससे पैदा हुई परेशानियों का उल्लेख किया गया है।

शिकायत भले ही व्यंग्यात्मक अंदाज में की गई हो, लेकिन इसके पीछे जलभराव, खराब रास्तों और फसलों को नुकसान की वास्तविक चिंता है। लगातार वर्षा से गांवों और निचले इलाकों में लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई है।

जिलाधिकारी से बारिश नियंत्रित कराने की अपील

सूरज तिवारी ने शिकायत में कहा कि उन्हें इंद्रदेव का मोबाइल नंबर नहीं मालूम है। इसलिए उन्होंने जिलाधिकारी से अपने “दिव्य माध्यमों” के जरिए इंद्रदेव को बारिश नियंत्रित करने का निर्देश देने की अपील की।

मुझे इंद्रदेव का मोबाइल नंबर नहीं पता है। इसलिए मैं जिला मजिस्ट्रेट से अनुरोध करता हूं कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और अपने ‘दिव्य माध्यमों’ का उपयोग करके इंद्रदेव को आवश्यक निर्देश दें, ताकि बारिश नियंत्रित हो सके और जिले के लोगों को राहत मिल सके।

यह शिकायत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि इसमें हास्य का तत्व है, लेकिन यह लंबे समय से बारिश और जलभराव झेल रहे लोगों की परेशानी को भी सामने लाती है।

तीन दिनों के खराब मौसम में हरदोई में सात की मौत

25 से 27 सितंबर के बीच खराब मौसम का असर हरदोई समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में देखा गया। हरदोई में अत्यधिक बारिश, सर्पदंश और वर्षा से जुड़ी अन्य घटनाओं में सात लोगों की जान गई। सात अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।

जिले में 30 मवेशियों की मौत हुई, जबकि 330 मकानों को नुकसान पहुंचा। संडीला तहसील को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बताया गया है। लगातार बारिश से सड़कों, गलियों और निचले इलाकों में जलभराव ने हालात को और कठिन बनाया।

प्रदेश स्तर पर तीन दिनों के खराब मौसम में बारिश से 56 मौतें दर्ज की गईं। ऐसे मौसम में जलभराव, फिसलन, कमजोर ढांचे और बाधित आवागमन से जोखिम बढ़ जाता है।

राहत शिविरों में पहुंचाए गए प्रभावित लोग

जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों तक पहुंचाया। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल, राशन और ठहरने की व्यवस्था की गई है।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट दीपावली भार्गव के अनुसार, अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। जलनिकासी, जलभराव हटाने तथा बिजली और सड़क सेवाओं को बहाल करने का काम जारी है।

बारिश से 56 मौतें: आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

तेज बारिश और जलभराव के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। भरे हुए रास्तों, बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी रखना जरूरी है। घर के आसपास पानी जमा होने पर स्थानीय प्रशासन को सूचना देना भी मददगार हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हरदोई में शिकायत किसने दर्ज कराई? मल्लावां ब्लॉक के नेवादा पारस गांव निवासी सूरज तिवारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में क्या मांग की गई? शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से अनोखे अंदाज में इंद्रदेव को बारिश नियंत्रित करने का निर्देश दिलाने की मांग की।

बारिश से 56 मौतें किस अवधि में हुईं? उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर के बीच खराब मौसम के दौरान कम से कम 56 मौतों की पुष्टि हुई।

Frequently Asked Questions

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