City States

दिल्ली एसआईआर के बाद बड़ा झटका: आडवाणी, सिसोदिया और केजरीवाल समेत 33 लाख मतदाताओं को नोटिस, सूची में सिब्बल भी

thall-esaaaiiaara_93b209c4f95daf3eb07ae99b4ce70943
Foto : Patricia Gonzalez - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. दिल्ली की मतदाता सूची में विसंगतियों पर 33 लाख से अधिक लोगों को नोटिस
  2. घर-घर सत्यापन अभियान का उद्देश्य
  3. Related Reading
  4. Frequently Asked Questions

दिल्ली की मतदाता सूची में विसंगतियों पर 33 लाख से अधिक लोगों को नोटिस

Indianewslive247.com – द ल ल एसआईआर क ब द – दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची से जुड़े सत्यापन अभियान ने कई प्रमुख नामों को भी अपनी जद में लिया है। मसौदा मतदाता सूची में दर्ज करीब 97 लाख मतदाताओं में से 33.13 लाख लोगों के गणना फॉर्म में किसी न किसी प्रकार की विसंगति पाई गई है। ऐसे मतदाताओं को दस्तावेज और तथ्य स्पष्ट करने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अब तक 31.63 लाख से ज्यादा नोटिस वितरित किए जा चुके हैं।

इस प्रक्रिया में वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल जैसे नाम भी शामिल हैं। नोटिस का अर्थ मतदाता अधिकार समाप्त होना नहीं है। इसका उद्देश्य उपलब्ध प्रविष्टियों, पहचान विवरणों और पारिवारिक जानकारी का मिलान कर अंतिम सूची को सही बनाना है।

आडवाणी परिवार की प्रविष्टियों पर सत्यापन

98 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका को नोटिस दिए गए हैं। इनके नाम वर्ष 2002 की एसआईआर मतदाता सूची से निर्धारित मैपिंग में मेल नहीं खा सके थे। आडवाणी परिवार नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र का मतदाता है।

परिवार के एक सदस्य जयंत का विवरण इस मैपिंग प्रक्रिया में सफलतापूर्वक सत्यापित हो गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों के मामलों में परिणाम अलग हो सकते हैं, क्योंकि हर प्रविष्टि का परीक्षण उपलब्ध फॉर्म और उससे जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर किया जाता है।

मनीष सिसोदिया, पत्नी और बेटे के नाम भी सूची में

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी सीमा और बेटे मीर को भी नोटिस मिला है। मीर के संबंध में माता-पिता के नाम से जुड़ी असंगति का उल्लेख किया गया है। वहीं सीमा के मामले में उनके अपने नाम के मिलान में अंतर सामने आया है।

मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद यदि फॉर्म में दर्ज नाम, पारिवारिक विवरण या अन्य जानकारी पुराने रिकॉर्ड से पूरी तरह नहीं मिलती, तो उसे जांच के लिए चिह्नित किया जा सकता है। ऐसे मामलों में मतदाता को संबंधित जानकारी और दस्तावेज प्रस्तुत कर स्थिति स्पष्ट करने का अवसर दिया जाता है।

रेखा गुप्ता की प्रविष्टि सत्यापित

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नाम भी शुरुआती सूची में शामिल था, लेकिन उनके दस्तावेजों और तथ्यों की जांच पूरी होने के बाद उनकी प्रविष्टि को मान्य कर दिया गया है। शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम शामिल करने के लिए सुरक्षित रखा गया है। यह अंतिम सूची 4 नवंबर को प्रकाशित होनी है।

वहीं अरविंद केजरीवाल और कपिल सिब्बल के नाम भी उन प्रविष्टियों में हैं जिनका सत्यापन इस व्यापक प्रक्रिया के दौरान किया जा रहा है। किसी प्रमुख व्यक्ति का नाम सूची में आने से प्रक्रिया की प्रकृति नहीं बदलती; मतदाता पंजीकरण से जुड़े नियम सभी दर्ज मतदाताओं पर समान रूप से लागू होते हैं।

घर-घर सत्यापन अभियान का उद्देश्य

एसआईआर के तहत 30 जून से 17 अगस्त के बीच घर-घर सत्यापन अभियान चलाया गया था। इस अवधि में प्रत्येक मतदाता के लिए गणना फॉर्म जमा करना आवश्यक था। इन फॉर्मों के जरिए निर्वाचन तंत्र मतदाता की प्रविष्टि, उपलब्ध जानकारी और रिकॉर्ड के बीच सामंजस्य की जांच कर रहा है।

मसौदा सूची में पाई गई विसंगतियों के आधार पर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई। यह चरण महत्वपूर्ण है, क्योंकि अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल करने से पहले रिकॉर्ड की पुष्टि की जानी है। नाम, रिश्तों के विवरण या अन्य दर्ज सूचनाओं में अंतर होने पर संबंधित व्यक्ति से जवाब मांगा जा सकता है।

मतदाताओं के लिए यह प्रक्रिया विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है, क्योंकि नोटिस मिलने पर समय सीमा के भीतर उत्तर देना आवश्यक है। केवल नाम का मसौदा सूची में मौजूद होना अंतिम स्वीकृति की गारंटी नहीं है। दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के बाद ही प्रविष्टि को अंतिम सूची में स्थान मिलेगा।

29 अक्तूबर तक देना होगा जवाब

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कहा है कि जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, उन्हें अपना उत्तर और आवश्यक दस्तावेज संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, यानी ईआरओ, के समक्ष 29 अक्तूबर तक जमा कराने होंगे। यह समय सीमा उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके नाम या विवरण की पुष्टि अभी बाकी है।

दावों और आपत्तियों का चरण 30 सितंबर को समाप्त होगा। इसके बाद प्राप्त दावों, आपत्तियों, उत्तरों और दस्तावेजों पर विचार कर अंतिम सूची तैयार की जाएगी। मतदाताओं के लिए व्यावहारिक रूप से सबसे जरूरी बात यह है कि वे अपने फॉर्म, नाम की वर्तनी और परिवार से जुड़े दर्ज विवरणों को ध्यान से देखें तथा नोटिस मिलने पर तय समय के भीतर संबंधित अधिकारी से संपर्क करें।

दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 नवंबर को होना निर्धारित है। तब तक चलने वाली जांच प्रक्रिया का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम सूची में केवल सत्यापित और सही प्रविष्टियां शामिल हों।

Frequently Asked Questions

What is द ल ल एसआईआर क ब द?

द ल ल एसआईआर क ब द is the main topic of this guide. The article explains the context, practical details, and next steps readers should understand.

Why does द ल ल एसआईआर क ब द matter?

द ल ल एसआईआर क ब द matters because readers are looking for a useful answer, not just a short summary. Good content should match search intent and help them decide what to do next.

Leave a Comment