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जंतर-मंतर प्रदर्शन: पुलिस अफसरों पर तीन महिला पत्रकारों ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, क्राइम ब्रांच करेगी जांच

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Foto : Charles Davis - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. जंतर-मंतर प्रदर्शन: महिला पत्रकारों के आरोपों की जांच क्राइम ब्रांच को
  2. Related Reading
  3. Frequently Asked Questions

जंतर-मंतर प्रदर्शन: महिला पत्रकारों के आरोपों की जांच क्राइम ब्रांच को

Indianewslive247.com – ज तर म तर प रदर शन – ज तर म तर प रदर के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतें मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। पुलिस के अनुसार, जांच के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

आरोप 3 अक्तूबर को नई दिल्ली इलाके में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सामने आए। इस आयोजन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रदर्शन और मार्च किया गया था। पत्रकारों तथा वैकल्पिक मीडिया से जुड़े लोगों का आरोप है कि कवरेज के दौरान उन्हें आगे बढ़ने से रोका गया और एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार हुआ।

नई दिल्ली थाने में मिलीं तीन शिकायतें

दिल्ली पुलिस ने बताया कि तीनों महिला पत्रकारों की शिकायतें नई दिल्ली क्षेत्र के थाने को मिली हैं। कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान सामने आए इन आरोपों को संवेदनशील मानते हुए क्राइम ब्रांच के पास भेजा गया है। जांच में शिकायतकर्ताओं के बयान, मौके से जुड़े तथ्य और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है।

तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं और मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

ज तर म तर प रदर से जुड़े घटनाक्रम के बाद पत्रकारों, वैकल्पिक मीडिया कर्मियों और अन्य लोगों ने देर रात संसद मार्ग थाने के बाहर विरोध भी किया। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि सार्वजनिक आयोजनों की रिपोर्टिंग कर रहे मीडिया कर्मियों को अनावश्यक रूप से नहीं रोका जाना चाहिए।

निष्पक्ष जांच की मांग

आरोपों के बाद महिला पत्रकारों की सुरक्षा, गरिमा और कामकाजी अधिकारों को लेकर सवाल उठे हैं। शिकायतकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने भी संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। अब मामले में क्राइम ब्रांच की जांच और उसके निष्कर्षों पर नजर रहेगी। यदि जांच में किसी स्तर पर गलत आचरण की पुष्टि होती है, तो कार्रवाई तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।

इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक प्रस्तावित मार्च

एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में रविवार को इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक नागरिक मार्च प्रस्तावित है। इसका नेतृत्व ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, यानी आइसा, कर रही है। आयोजकों के अनुसार मार्च दोपहर तीन बजे इंडिया गेट से शुरू होकर जंतर-मंतर की ओर जाएगा।

मार्च में सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा, अन्य सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र संगठनों के सदस्यों के शामिल होने की बात कही गई है। आयोजक चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलावों से जुड़ी अपनी चिंताओं को उठाने की तैयारी में हैं।

ज तर म तर प रदर के मद्देनजर आसपास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। प्रतिभागियों, राहगीरों और मीडिया कर्मियों के लिए स्थानीय पुलिस व यातायात संबंधी निर्देशों पर ध्यान देना उपयोगी रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मामले की जांच कौन कर रहा है?

तीन महिला पत्रकारों की शिकायतों की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

शिकायतें किस इलाके के थाने में दी गईं?

पुलिस के अनुसार, शिकायतें नई दिल्ली क्षेत्र के थाने को मिलीं।

संसद मार्ग थाने के बाहर विरोध क्यों हुआ?

पत्रकारों और अन्य लोगों ने कथित बदसलूकी तथा मीडिया कर्मियों को कवरेज से रोके जाने के आरोपों के विरोध में प्रदर्शन किया और एफआईआर की मांग रखी।

Frequently Asked Questions

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