सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हमले: तीन लोगों की मौत; होर्मुज के वैकल्पिक मार्ग पर भी मंडराया खतरा?
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सऊदी हवाई अड्डों पर हमलों के बाद बढ़ा तनाव, तीन लोगों की जान गई
Indianewslive247.com – सऊद अरब क द हव ई अड – सऊदी अरब के अभा हवाई अड्डे और राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने के बाद क्षेत्रीय तनाव और गहरा गया है। इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। सऊदी विमानन प्राधिकरण ने बुधवार को हताहतों की पुष्टि की, हालांकि हमलों की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से किसी संगठन पर नहीं डाली गई है।
अभा हवाई अड्डे पर हुई घटना में मोरक्को और अल्जीरिया के दो नागरिकों की मौत हुई तथा 28 लोग घायल हो गए। किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक सूडानी नागरिक की जान गई और आठ अन्य लोगों के घायल होने की सूचना है। इससे पहले यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दोनों हवाई अड्डों सहित सऊदी ठिकानों पर हमले करने का दावा किया था।
रियाद के पास मिसाइल रोकने का दावा
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने सोशल मीडिया पर कहा कि समूह ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन भेजे। इसके जवाब में हूती विरोधी सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने रियाद के उत्तर में एक बैलिस्टिक मिसाइल को निष्क्रिय किए जाने की बात कही।
हमले की आशंका के बीच हवाई यातायात पर भी सीमित समय के लिए असर पड़ा। फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों में कुछ उड़ानों के कार्यक्रम में अस्थायी व्यवधान दिखाई दिया। राजधानी के अहम विमानन केंद्र को निशाना बनाए जाने की खबर ने नागरिक ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
रियाद हवाई अड्डे के आसपास ईंधन टैंकों और सरकारी तेल कंपनी अरामको के कुछ अन्य प्रतिष्ठानों के निकट नई पिंजरेनुमा सुरक्षा बाड़ लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब के तेल ढांचे और सैन्य अड्डे हाल के दिनों में बार-बार हमलों या हमले के दावों के दायरे में रहे हैं।
अभा, नजरान और सीमा से लगे ठिकाने भी निशाने पर
हूतियों ने अभा हवाई अड्डे पर कार्रवाई का दावा भी दोहराया। यमन की सीमा के निकट स्थित यह हवाई अड्डा पहले भी ड्रोन और मिसाइल हमलों का लक्ष्य बनता रहा है। विद्रोही समूह ने खमीस मुशैत में एक एयरबेस तथा नजरान और असीर के दो सैन्य स्थलों को निशाना बनाने की बात कही है। ये क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम सऊदी अरब में यमन सीमा के पास स्थित हैं।
हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों जैसे ठिकानों पर दबाव बढ़ने से सऊदी अरब के लिए सुरक्षा के साथ आर्थिक चुनौती भी बढ़ती है। वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर ने अपने विश्लेषण में कहा कि हूती ऐसे नागरिक और आर्थिक ढांचे को निशाना बनाकर सऊदी अरब पर लागत बढ़ाने का दबाव बनाना चाहते हैं। उनका उद्देश्य रियाद को अपनी मांगों पर विचार करने के लिए विवश करना बताया गया है।
यमन में जमीनी अभियान तेज
हवाई हमलों के दावों के समानांतर सऊदी अरब और उससे जुड़े यमनी बलों ने यमन के पश्चिमी तट पर बड़ा जमीनी और हवाई अभियान शुरू किया है। अभियान का लक्ष्य उन क्षेत्रों को वापस लेना है, जिन पर हूती विद्रोहियों ने करीब एक महीने पहले नियंत्रण स्थापित किया था। इन इलाकों की भौगोलिक स्थिति उन्हें लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के बेहद करीब ले आती है।
लड़ाई का प्रमुख केंद्र धुबाब शहर और उसके आसपास का क्षेत्र बना हुआ है। हूती विद्रोहियों तथा यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार, दोनों ने वहां संघर्ष की पुष्टि की है। धुबाब, बंदरगाह शहर मोखा से लगभग 54 किलोमीटर दक्षिण में है; मोखा पर हूतियों ने पिछले महीने कब्जा किया था।
दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत के वजीया जिले में भी झड़पों की खबर है। पहाड़ी इलाकों और लाल सागर तट के बीच स्थित यह क्षेत्र रणनीतिक महत्व रखता है, क्योंकि यहां से बाब अल-मंदेब की ओर जाने वाले मार्गों पर नजर रखी जा सकती है। हूती नियंत्रण वाले तटीय क्षेत्रों से सऊदी अरब से संबंधित जहाजों की आवाजाही बाधित करने की कोशिश संभव होने की आशंका भी बनी हुई है।
“पूरी सैन्य मदद” तब तक जारी रहेगी, जब तक हूती विद्रोहियों का “खात्मा” नहीं हो जाता।
मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने यमन की सरकारी सेना के लिए इस समर्थन का भरोसा दिलाया है। गठबंधन ने कहा है कि अभियान में 100 लड़ाकू विमान शामिल हैं। अभियान का एक उद्देश्य हूती नियंत्रण वाली यमनी राजधानी सना को मुक्त कराना भी बताया गया है। सोमवार को गठबंधन पक्ष ने बाब अल-मंदेब के आसपास कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर फिर से नियंत्रण पाने की बात कही थी।
समुद्री व्यापार मार्गों पर संभावित असर
बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य विश्व व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जिससे वैश्विक व्यापार का करीब 12 प्रतिशत गुजरता है। लाल सागर, अदन की खाड़ी और हिंद महासागर को जोड़ने वाला यह मार्ग ऊर्जा और वाणिज्यिक जहाजों के लिए विशेष महत्व रखता है। क्षेत्र में संघर्ष तेज होने से होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प माने जाने वाले रास्तों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है।
हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने हालिया सैन्य कार्रवाई में यमनी सरकारी बलों को सऊदी समर्थन मिलने की आलोचना की। यह तनाव उस संघर्ष विराम के टूटने के बाद उभरा है, जिसने चार वर्षों तक व्यापक टकराव को सीमित रखा था।
बुधवार को दिए भाषण में अल-हूती ने गाजा के साथ एकजुटता व्यक्त की। यह संबोधन हमास के 7 अक्तूबर 2023 को इस्राइल पर किए गए हमले की तीसरी बरसी के अवसर पर हुआ। उन्होंने कहा कि इस्राइल के साथ यदि “तनाव का कोई नया दौर” शुरू होता है, तो विद्रोही फलस्तीनियों के समर्थन के लिए हर संभव साधन अपनाने को तैयार हैं।
यमन का नया सैन्य अभियान उस समय शुरू हुआ, जब हूती विद्रोहियों ने तुर्बाह शहर पर कब्जा किया। यह शहर यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर और प्रांतीय राजधानी ताइज के निकट स्थित है। अब हवाई अड्डों पर हुए घातक हमलों, सीमा क्षेत्रों में बढ़ती गतिविधियों और लाल सागर तटीय लड़ाई ने संघर्ष को केवल यमन तक सीमित रहने के बजाय व्यापक क्षेत्रीय संकट में बदलने का खतरा बढ़ा दिया है।
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