City States

सत्य निकेतन इमारत हादसा: पीजी संचालक सुधांशु और शुभम को कोर्ट में किया पेश, दोनों को पुलिस हिरासत में भेजा

thall-imarata-hathasa-kasa_385fd251a93862b77befbdb42a80b52a
Foto : David Miller - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. सत्य निकेतन इमारत हादसा: पीजी संचालक दो दिन की पुलिस हिरासत में
  2. Related Reading
  3. Frequently Asked Questions

सत्य निकेतन इमारत हादसा: पीजी संचालक दो दिन की पुलिस हिरासत में

Indianewslive247.com – सत य न क तन इम रत – सत्य निकेतन इमारत हादसा मामले में पीजी संचालक सुधांशु और शुभम को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी और पुलिस भवन के उपयोग, मरम्मत कार्य तथा संचालन से जुड़े पक्षों की भूमिका की जांच कर रही है।

जांच का मुख्य केंद्र बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर में चल रहे काम हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मरम्मत और विस्तार के दौरान भवन की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर जरूरी सावधानियां बरती गई थीं या नहीं।

बेसमेंट में जमा था पानी और कचरा

पूछताछ में आरोपी महेश गुप्ता ने बताया कि वह अपने माता-पिता हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता की ओर से भवन की देखरेख करता था। उसके अनुसार, हादसे से पहले बारिश के दौरान करीब आठ से दस दिन तक बेसमेंट में पानी और कचरा जमा रहा था।

बेसमेंट की इसी स्थिति के कारण वहां मरम्मत का काम कराया जा रहा था। साथ ही ग्राउंड फ्लोर को व्यावसायिक उपयोग के लिए बढ़ाने का कार्य भी चल रहा था। पुलिस इन कामों के समय, तरीके और भवन की स्थिरता पर उनके संभावित प्रभाव की पड़ताल कर रही है।

अगस्त 2025 में पीजी के लिए लीज पर दी गई थी इमारत

महेश के बयान के अनुसार, अगस्त 2025 में यह भवन ‘हॉस्टल डेज’ नाम से पीजी चलाने वाले संचालकों को लीज पर दिया गया था। सत्य निकेतन इमारत हादसा की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि पीजी संचालन से जुड़े लोगों को भवन में हो रहे मरम्मत या निर्माण कार्य की जानकारी थी या नहीं।

पुलिस हिरासत के दौरान सुधांशु और शुभम से पीजी के संचालन, इमारत के इस्तेमाल तथा हादसे से पहले की परिस्थितियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी विभिन्न बयानों और उपलब्ध तथ्यों का मिलान कर रही है।

लेबर कॉन्ट्रैक्टर को कासगंज से गिरफ्तार किया गया

मामले में फरार चल रहे लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया गया था। उससे निर्माण और मरम्मत कार्य की व्यवस्था, श्रमिकों की तैनाती तथा काम के निर्देशों के संबंध में पूछताछ हो रही है।

पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि बेसमेंट की मरम्मत और ग्राउंड फ्लोर विस्तार के काम में क्या संबंध था। इमारत गिरने के पीछे एक या कई कारण जिम्मेदार थे, इसका निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

घटना के बाद राजस्थान चला गया था परिवार

महेश ने पूछताछ में बताया कि घटना वाले दिन उसे स्थानीय लोगों से इमारत ढहने की जानकारी मिली थी। इसके बाद परिवार राजस्थान के भिवाड़ी स्थित महेश के ससुराल चला गया था। बाद में पुलिस ने भवन मालिकों और लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की।

गिरफ्तार लोगों में 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटा महेश गुप्ता शामिल हैं। जांच में भवन के स्वामित्व, रखरखाव और कथित जिम्मेदारियों के अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

सात मौतों के बाद जवाबदेही तय करने पर जोर

सत्य निकेतन इमारत हादसा ने आवासीय और पीजी परिसरों में भवन सुरक्षा, पानी निकासी और निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे भवनों में मरम्मत या विस्तार से पहले संरचनात्मक स्थिति का आकलन महत्वपूर्ण माना जाता है।

पुलिस पीजी संचालकों, भवन मालिकों, देखरेख करने वाले व्यक्ति और ठेकेदार की भूमिका की जांच कर रही है। पूछताछ और तकनीकी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सत्य निकेतन इमारत हादसा में कितने लोगों की मौत हुई?

इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी।

पीजी संचालकों को कितने दिन की पुलिस हिरासत मिली है?

सुधांशु और शुभम को अदालत ने दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।

पुलिस किन बिंदुओं की जांच कर रही है?

पुलिस बेसमेंट में जमा पानी, मरम्मत कार्य, ग्राउंड फ्लोर विस्तार, पीजी संचालन और भवन से जुड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

Frequently Asked Questions

What is सत य न क तन इम रत?

सत य न क तन इम रत is the main topic of this guide. The article explains the context, practical details, and next steps readers should understand.

Why does सत य न क तन इम रत matter?

सत य न क तन इम रत matters because readers are looking for a useful answer, not just a short summary. Good content should match search intent and help them decide what to do next.

Leave a Comment