बॉम्बे हाईकोर्ट ने FDA के आदेश को रद्द किया: ‘हम भारत में हैं, यथार्थवादी रुख अपनाएं’
Indianewslive247.com – क ड म लन पर ह टल – नवी मुंबई स्थित पार्क इन बाय रेडिसन होटल के लाइसेंस निलंबन के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आदेश को खारिज कर दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ ने यह निर्णय देते हुए कहा कि केवल दो कीड़ों की मौजूदगी के आधार पर होटल का लाइसेंस रद्द करना उचित नहीं था।
कोर्ट का मुख्य तर्क
पीठ ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि स्वच्छता, रखरखाव और संचालन से जुड़ी समग्र रिपोर्ट संतोषजनक है। अदालत ने कहा कि “दो कीड़ों की उपस्थिति” केवल एक छोटी सी चूक है, जिसके लिए लाइसेंस के निरंतर निलंबन जैसा कठोर कदम उठाया जाना आवश्यक नहीं था।
“हम भारत में हैं। हमें यथार्थवादी रुख अपनाना होगा।”
यह टिप्पणी करते हुए पीठ ने एफडीए को ध्यान दिलाया कि अत्यधिक कठोरता के बजाय संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
मामले की पृष्ठभूमि
एफडीए ने 3 जुलाई को होटल का भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) लाइसेंस निलंबित किया था। इस दौरान परिसर के अचानक निरीक्षण में स्वच्छता, सफाई, खाद्य भंडारण और प्रबंधन प्रथाओं में गंभीर खामियां पाई गई थीं। हालांकि, एफडीए के अपने आंकड़ों के अनुसार होटल ने 95 प्रतिशत अनुपालन स्कोर हासिल किया था। निलंबन का मुख्य कारण रसोई क्षेत्र में कीड़े मिलना था।
होटल और सरकारी वकील के तर्क
होटल ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर यह तर्क दिया कि यह आदेश अनुपातहीन और अत्यधिक कठोर था। दूसरी ओर, सरकारी वकील नेहा भिडे ने बुधवार को अदालत को बताया कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
“एक कीड़ा हो या दस, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इस पहलू पर गैर-अनुपालन को स्वीकार नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम खाद्य सुरक्षा आयुक्त के समक्ष अपील करने का वैधानिक उपाय प्रदान करता है।
पीठ के सवाल और आदेश
पीठ ने इस बात पर सवाल उठाया कि क्या इस तरह की छोटी सी चूक निलंबन जैसे चरम कदम को उचित ठहराती है। संस्थान ने अन्यथा निर्धारित मानदंडों का पर्याप्त रूप से अनुपालन किया था।
निलंबन आदेश को रद्द करते हुए अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे होटल का एफएसएसएआई लाइसेंस तुरंत बहाल करें और उसे अपने खाद्य व्यवसाय संबंधी गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति दें।
इस दौरान एसीजे घुगे ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “पिछले हफ्ते हमारी डेस्क पर भी एक तिलचट्टा था। एक मक्खी भी है।”
अगली सुनवाई और अन्य निरीक्षण
पीठ ने यह भी सवाल उठाया कि खाद्य सुरक्षा मानदंडों को समान रूप से लागू किया जा रहा है या नहीं। एफडीए को मंत्रालय और उच्च न्यायालय की कैंटीनों सहित सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी भोजनालयों का निरीक्षण करने और वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ निरीक्षण की स्थिति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
भिडे ने अदालत को बताया कि एफडीए की ओर से कोई चुनिंदा दृष्टिकोण नहीं अपनाया गया था। बृहन्मुंबई नगर निगम, नगर निगम द्वारा संचालित केईएम अस्पताल, क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया और मुंबई के कई अन्य प्रमुख क्लबों द्वारा संचालित कैंटीनों का भी निरीक्षण किया गया था और खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के कारण उन्हें बंद कर दिया गया था।
मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी, जब एफडीए द्वारा राज्य भर में किए गए निरीक्षणों का विवरण रिकॉर्ड पर रखने की उम्मीद है।

