UP में अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर घोटाले के आरोप लगे, लिखित शिकायत पुलिस को अभी नहीं मिली
राम मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों रुपये की रकम के अप्रत्यक्ष उपयोग के आरोप
UP – उत्तर प्रदेश (UP) में अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ घोटाला के आरोप बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। समाचार एक्सप्लेटर के संस्थापक अखिलेश यादव ने ट्वीट करके घोटाले के आरोप की चर्चा की है, जिसमें कहा गया है कि मंदिर निर्माण के लिए नियोजित करोड़ों रुपये की रकम अनुमति के बिना अप्रत्यक्ष उपयोग के आरोप में रखी गई है। ट्रस्ट के प्रतिनिधियों द्वारा कोई सफाई देने के लिए आगे आने की तैयारी नहीं है, जिसे पुलिस की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त होने तक आगे नहीं ले जाया जा सकेगा। इस मामले में सरकार की चुप्पी के बारे में भी चर्चा हो रही है, जो लोगों के बीच चिंता का केंद्र बन गई है।
“इस घटना के संबंध में वैश्विक स्तर पर सनातनी समाज के लिए गहरी आस्था वाले राम पूजकों के लिए एक बहुत ही संवेदनशील खबर है।”
रविवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि बैंक और ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के बीच आंतरिक ऑडिट के लिए अनुसंधान कार्य चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में यह प्रक्रिया अभी तक जारी है और कोई गंभीर घटना सामने नहीं आई है। इसके बारे में बताया गया कि ट्रस्ट की लेखा प्रणाली के बारे में कोई चिंता नहीं है, लेकिन इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि उपाध्यक्ष आंतरिक ऑडिट में निरंतर निगरानी कर रहे हैं। इस आरोप के बारे में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश के वित्त विभाग ने इस विषय पर ध्यान आकर्षित किया है और जांच अभी तक जारी है।
लेखा ऑडिट में अब तक कोई गंभीर घटना नहीं सामने आई
चंपत राय ने कहा कि वित्तीय ऑडिट के दौरान ट्रस्ट की लेखा प्रणाली में कोई गंभीर घटना नहीं सामने आई है। हालांकि, इस मामले में उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच संदेह की लहर लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए प्राप्त धन के अनुमति के बिना उपयोग के आरोप में ट्रस्ट द्वारा कोई जवाब देने की तैयारी नहीं है। यह आरोप आंतरिक ऑडिट के दौरान खुले गए नए तथ्यों के आधार पर बनाए गए हैं और इनके बारे में उत्तर प्रदेश के प्रशासन द्वारा अतिरिक्त जांच की मांग की गई है।
राम मंदिर ट्रस्ट ने अपनी ओर से वित्तीय लेखा के संबंध में अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। इस बारे में कहा गया है कि ट्रस्ट के अंतर्निहित वित्तीय व्यवस्था में कोई गड़बड़ी नहीं है, लेकिन इस आरोप के बारे में उत्तर प्रदेश के नागरिकों के बीच अधिक संदेह हो रहा है। इसके बारे में बताया गया है कि बैंक के अनुसार लेखा ऑडिट की प्रक्रिया जारी है और अंतर्निहित अप्रत्यक्ष रकम उपयो
