अरब सागर में उतरा अमेरिकी हेलीकॉप्टर: घटना में एक क्रू सदस्य लापता, तलाश जारी
अरब स गर म उतर अम र – अमेरिकी नौसेना के एक हेलीकॉप्टर को अरब सागर में आपातकालीन जल उतारना पड़ा। इस घटना के बारे में जानकारी दी गई है कि विमानवाहक पोत ‘यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश’ से जुड़े ‘एमएच-60एस सी हॉक’ हेलीकॉप्टर को पानी में उतरना पड़ा। यह आपदा 1 जुलाई के सुबह करीब 3:30 बजे हुई। इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग के बाद तीन लोगों को बचा लिया गया, जिन्हें इलाज के लिए विमानवाहक पोत पर ले जाया गया है। इनकी हालत अब स्थिर है, लेकिन चौथा सदस्य अभी तक लापता है।
नौसेना ने घोषणा की है कि लापता सदस्य की खोज में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है। अब तक कोई दुश्मन के हमले का संकेत नहीं मिला है। आपदा के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
ईमरजेंसी वॉटर लैंडिंग: क्या है इस घटना का अर्थ?
ईमरजेंसी वॉटर लैंडिंग, जिसे डिचिंग के रूप में भी जाना जाता है, वह एक आपातकालीन स्थिति है जब विमान की सामान्य लैंडिंग के लिए हवाई अड्डा उपलब्ध नहीं होता। इसके कारण तकनीकी खराबी, इंजन विफल होना, ईंधन खत्म होना या अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग के बाद नौसेना के जहाज और अन्य संसाधनों को लापता सदस्य के पता लगाने में लगा दिया गया है। बदले ईरान के रुख में बदलाव इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में एक महत्वपूर्ण बयान दिया।
ट्रंप ने नॉर्थ डकोटा रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा, “ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खत्म करने (डीन्यूक्लियराइजेशन) की प्रक्रिया बहुत अच्छी चल रही है।” उनके विचार में यह कूटनीतिक अभियान ईरान के रुख में काफी बदलाव ला रहा है।
अमेरिकी नौसेना ने बताया कि पिछले हफ्ते ईरान पर तीन रात चले कड़े हमले किए गए। इन हमलों के पीछे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे ईरानी जहाजों के खिलाफ एक तीखी जवाबी कार्रवाई थी। ट्रंप के अनुसार इन हमलों के बाद ईरान की नीति में गंभीर परिवर्तन आ गया है। वे कहते हैं कि ईरान के परमाणु हथियारों के रखरखाव की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी।
हालांकि, कतर में चल रही उच्च स्तरीय बातचीत में ईरान शामिल नहीं है, फिर भी ट्रंप ने बताया है कि बातचीत में प्रगति हो रही है।
