जी7 में भारत के कूटनीतिक वज्र पर आकर्षक भागीदारी: पीएम मोदी के वैश्विक नेताओं से मुलाकातों के विवरण
ज 7 म द ख भ रत – जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक आउटरीच सत्र में भाग लिया, जिसका मुख्य विषय नई साझेदारियों के निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकता को मजबूत करना था। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया अधिक जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर हो गई है, जिसके कारण ऐसे विषयों पर चर्चा आवश्यक हो गई है।
निर्भरता के बोध के महत्व की विशेष चर्चा
पीएम मोदी ने अपने भाषण में जोर दिया कि कोई साझेदारी असफल रह सकती है जब उसकी आधार भरोसे पर टिकी हो। उन्होंने कहा, आपसी भरोसा आज सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति है। लेकिन दुख की बात है कि वर्तमान दुनिया में संसाधन कमी नहीं है, बल्कि भरोसे की कमी है।
आपसी भरोसा आज सबसे अहम रणनीतिक संपत्ति है।
आउटरीच सत्र में भारत के लोगों की आकांक्षाओं से जुड़े विकास के लाभ बर्बाद हो सकते हैं, जिसके बारे में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां भारत के परिवार के रूप में दुनिया के लिए विकसित होते हैं।
वैश्विक नेताओं से महत्वपूर्ण बैठकें
उनके कनाडा के नेता मार्क कार्नी से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने कहा, एक्स पर लिखा कि अपने भाई कार्नी से एक बहुत अच्छी मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद भारत-कनाडा के संबंधों की गहरी समीक्षा की गई। उनकी चर्चा आखिरी विचारों पर रही।
इसी दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ भी बैठक हुई। प्रधानमंत्री ने इसे एक शानदार बैठक बताई। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भारत-ब्रिटेन के बीच विकास में बहुत अच्छा बर्बादी का अवसर हुआ।
उन्होंने व्यापार और निवेश के उद्देश्य के बारे में चर्चा की। इसके अलावा, भारत-यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी मुलाकात हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनके और यूएई सरकार के समुदाय के प्रति भरोसा का आभार व्यक्त किया।
भारत और जापान के साझेदारी के निर्माण पर ध्यान
भारत और जापान के बीच संबंधों के बारे में चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश व्यापार और निवेश को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके अलावा, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो से भी बैठक हुई।
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