Vinesh WFI: दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्देश दिया, दो सप्ताह में फैसला कहा
Vinesh WFI – दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के वकील के बयान के बाद Vinesh WFI के मामले में निर्देश दिया कि नौ मई के कारण बताओ नोटिस पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाएगा। अदालत ने याचिका के निपटान के लिए तेजी से कार्रवाई करने की बात कही, जो विनेश फोगाट के एशियाई खेलों के चयन ट्रायल से जुड़ी शिकायत पर आधारित है।
केस के बारे में विस्तार से
Vinesh WFI की याचिका में भारतीय कुश्ती महासंघ के चयन नीति और सर्कुलर के खिलाफ आवेदन किया गया है। इस सर्कुलर में एशियाई खेलों के ट्रायल में भाग लेने की पात्रता केवल कुछ विशेष टूर्नामेंटों के विजेताओं तक सीमित कर दी गई थी। विनेश फोगाट को इस सर्कुलर के आधार पर एशियाई खेलों के चयन ट्रायल से बाहर कर दिया गया था।
अदालत ने आदेश दिया, “नौ मई के कारण बताओ नोटिस पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लें।”
विनेश फोगाट की याचिका के निपटारे के लिए डब्ल्यूएफआई के वकील ने आश्वासन दिया कि निर्णय जल्द लिया जाएगा। अदालत ने एथलीट को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिया है, जिसमें चयन नीति से जुड़े बड़े मुद्दे उठाए गए हैं। इसके लिए अगले चरण में Vinesh WFI को नई याचिका दायर करनी पड़ सकती है।
निर्देशों का असर
नौ मई को डब्ल्यूएफआई ने विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें छह महीने की अवधि अनिवार्य बनाई गई थी। Vinesh WFI के मामले में इस नोटिस के बाद उन्हें घरेलू आयोजनों में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
मालूम हो कि विनेश फोगाट महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग के एक सेमीफाइनल मुकाबले में मीनाक्षी गोयात से 4-6 से हारकर एशियाई खेलों के चयन ट्रायल से बाहर हो गई थीं। इस घटना के बाद उन्होंने चयन नीति और सर्कुलर के खिलाफ Vinesh WFI के रूप में याचिका दायर की।
अदालत के निर्देश के अनुसार, डब्ल्यूएफआई को दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेने की मांग की गई है। इसके तहत Vinesh WFI की याचिका के निपटान में समय लेने की अनुमति दी गई है। अदालत ने अपने फैसले के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि निर्णय देखने के लिए आगे की कार्यवाही की जाएगी।
